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अगर ऐसा हो गया होता, तो करोड़ों साल पहले ही खत्म हो जाती दुनिया

एक रिसर्च के मुताबिक अगर धरती पर ऑक्सीजन का लेवल लगातार बढ़ता रहता तो दुनिया करीब चालीस करोड़ साल पहले खत्म हो जाती।

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भारत और श्रीलंका के बीच तीसरे टेस्ट में एक नई बात जो आई वह है श्रीलंकाई खिलाड़ियों का प्रदूषण के कारण मास्क पहन कर खेलना। देश की राजधानी दिल्ली में इतना प्रदूषण हैं कि खिलाड़ियों को मास्क तक लगाने पड़ गए हैं। कुछ दिन पहले दिल्ली प्रदूषण से स्मॉग में डूब सी गई थी। दिल्ली ही नहीं बल्कि दुनिया में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर हर देश चिंतित है। ऐसा कहा जा रहा है कि प्रदूषण से कार्बनडाइऑक्साइड बढ़ रही है, तो यह सरासर गलत है। हाल ही में आई एक रिसर्च के मुताबिक अगर धरती पर ऑक्सीजन का लेवल लगातार बढ़ता रहता तो दुनिया करीब चालीस करोड़ साल पहले खत्म हो जाती।

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रिसर्च में पता चला कि ऑक्सीजन का लेवल न बढ़ पाने का मुख्य कारण जैव विविधता और जलवायु में लगातार चेंज रहा है। रिसर्च के मुताबिक अगर ऐसा नहीं होता तो ऑक्सीजन का लेवल बढ़ता जिससे दुनिया 45 लाख साल पहले ही नष्ट हो जाती।

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यूएस की वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कोल एडवर्ड का कहना है कि ऑक्सीजन से जैव विविधता सुंतलन में रहती है जिससे जलवायु से जुड़े बाकी कारकों के उत्पादन होता रहता है।

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रिसर्च से सामने आया है कि अगर जरूरत से ज्यादा ऑक्सीजन पर्यावरण में आ जाती तो यह धरती पर रह रहे सभी जीवों के लिए हानिकारक होता।