
भारतवंशी महिला वैज्ञानिक ने बनाया सिलिकॉन 'क्वांटम डॉट'
क्वांटम कम्प्यूटिंग भविष्य में एडवांस तकनीक का आधार बनेगी। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस तकनीक को सरलतम स्वरूप में व्यवहारिक उपयोग के लिए काम में लेने लायक बनाने पर प्रयासरत हैं। अमरीका के कोलोराडो स्कूल ऑफ माइंस की फिजिक्स की प्रोफेसर मीनाक्षी सिंह को 'क्वांटम डॉट' (Quantum Dot) तकनीक में उत्कृष्ट काम करने के लिए हाल ही राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन (NSF) के सबसे प्रतिष्ठित कॅरियर अवॉर्ड से नवाजा गया है।
भारतीय मूल की फिजिक्स की प्रोफेसर मीनाक्षी सिंह को यह सम्मान 'सिलिकॉन क्वांटम डॉट्स' विकसित करने के लिए दिया गया है। मीनाक्षी ने बताया कि, 'सिलिकॉन क्वांटम डॉट्स की मदद से क्वांटम कंप्यूटिंग में बिजली की खपत को कम करने, उच्च कार्यक्षमता, एक्यूरेसी में सुधार और क्वांटम स्पीड को बढ़ाया जा सकता है। अभी तक के परिणाम काफी आशाजनक हैं।
क्या होते हैं क़्वांटम डॉट्स
मीनाक्षी ने 'गेट-डिफाइंड' क्वांटम डॉट्स (gate-defined quantum dots) बनाया है जो मानव निर्मित नैनो स्केल डिवाइस है जो सॉलिड मैटीरियल से बना होता है। इनमें आमतौर पर इलेक्ट्रॉन की एक तुलनीय संख्या होती है। एक क्वांटम डॉट में फ्री इलेक्ट्रॉनों की संख्या शून्य से हजारों की मात्रा में हो सकती है। आर्टिफिशियल एटम के रूप में इन्हें गेट वोल्टेज द्वारा ट्यून किया जा सकता है। इसके इस्तेमाल से क्वांटम कंप्यूटिंग डिवाइसेस के लिए उच्च ऑपरेटिंग तापमान को नियंत्रित किया जा सकता है।
Published on:
04 Apr 2021 03:25 pm
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