विज्ञान और टेक्नोलॉजी

Space News : नासा के स्पेसक्राफ्ट ने खोजा क्षुद्रग्रह का 220 मीटर बड़ा ‘मिनी मून’

रिसर्च : क्षुद्रग्रह डिंकिनेश की परिक्रमा कर रहा है ‘चांद’

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Nov 04, 2023
इस चांद का आकार महज 220 मीटर है।

वॉशिंगटन. अमरीकी अंतरक्षि एजेंसी नासा नासा ने एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली। नासा के अंतरिक्ष यान लूसी ने एक मिनी मून यानी छोटे चांद के टुकड़े को खोजा है। यह एस्टेरॉयड(क्षुद्रग्रह) डिंकिनेश की परिक्रमा करत हुआ मिला। यानी डिंकिनेश के पास खुद का चांद है। नासा ने इसकी तस्वीरें भी जारी की हैं। स्पेसक्राफ्ट ने पुष्टि की है कि डिंकिनेश अकेला नहीं है, इसके चारों ओर चंद्रमा के आकार का दसवां हिस्सा चारों ओर चक्कर लगा रहा है। नासा के अंतरिक्ष यान ने लगभग 434 किमी दूर एस्टेरॉयड डिंकिनेश और उसके ‘मिनी मून’ की तस्वीर खींची हैं। डिंकिनेश और इसका नया चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 300 मिलियन मील (480 मिलियन किमी) दूर, मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच मुख्य एस्टेरॉयड बेल्ट का हिस्सा है। इस चांद का आकार महज 220 मीटर है।

ट्रोजन का अध्ययन कर रहा है लूसी
स्पेसक्राफ्ट लूसी पर नजर रखने वाले हान लेविंसन ने कहा, डिंकिनेश वास्तव में अपने नाम की तरह है। इथियोपियाई भाषा में इसका अर्थ है- आप अद्भुत हैं। नासा का यह मिशन भी अद्भुत खोज कर रहा है। गौरतलब है कि इस मिशन के जरिए रहस्यमय क्षुद्रग्रहों को खोजना है। लूसी को सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति के निकट भेजा गया था। इसे 2021 में लॉन्च किया गया था, जो 2027 तक अंतरिक्ष में मौजूद रहेगा। मिशन का मुख्य उद्देश्य 8 क्षुद्रग्रहों के समूह ट्रोजन का अध्ययन करना है।

अप्रेल में पृथ्वी का चक्कर लगाता है
हाल ही में एरिजोना विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने बताया था कि पृथ्वी के चारों ओर घूमने वाला कामो’ओलेवा जिसे एस्टेरॉयड माना जाता था, वह भी चंद्रमा का एक टुकड़ा ही है। वैज्ञानिक इस पर कई सालों से शोध कर रहे हैं। वह चांद का एक संभावित स्रोत इसलिए हो सकता है, क्योंकि इस पर सिलिकेट की मौजूदगी है। शोध करने वाले वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह हमारे ग्रह के बेहद करीब है और यह हर साल अप्रेल में पृथ्वी का चक्कर लगाता है।

Published on:
04 Nov 2023 11:04 pm
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