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पृथ्वी से 100 प्रकाश वर्ष दूर खोजा 6 ग्रहों का दुर्लभ परिवार

जय विज्ञान : हमारे सौरमंडल से अलग चमकीले तारे की करते हैं परिक्रमा  

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पृथ्वी से 100 प्रकाश वर्ष दूर खोजा 6 ग्रहों का दुर्लभ परिवार

पृथ्वी से 100 प्रकाश वर्ष दूर खोजा 6 ग्रहों का दुर्लभ परिवार

वॉशिंगटन. खगोलविदों ने पृथ्वी से करीब 100 प्रकाश वर्ष दूर छह ग्रहों के दुर्लभ परिवार का पता लगाया है। ये हमारे सौरमंडल से अलग दूसरे सौरमंडल का हिस्सा हैं। सभी छह ग्रह एचडी-10067 नाम के चमकीले तारे की परिक्रमा कर रहे हैं, जो हमारे सूर्य जैसा है। खगोलविदों का कहना है कि इन एक्सोप्लेनेट की खोज इसलिए बेहद महत्त्वपूर्ण है कि इनके जरिए ग्रह निर्माण के रहस्यों को समझने में मदद मिल सकती है। हमारे सौरमंडल के बाहर अंतरिक्ष में मौजूद ग्रहों को एक्सोप्लेनेट कहा जाता है।

खगोलविदों का शोध नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है। स्पेस डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के ट्रांजिस्टिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सैटेलाइट (टीईएसएस) ने 2020 में एचडी-10067 तारे को टिमटिमाते देखा था। तभी से वैज्ञानिक इसके टिमटिमाने के रहस्य तक पहुंचने की कोशिशों में जुटे थे। एक्सोप्लेनेट का पता लगाने वाले उपग्रहों के जरिए इस तारे के छह ग्रहों का पता चला। इन ग्रहों की परिक्रमा के कारण ही एचडी-10067 टिमटिमाता नजर आता है।

उत्तरी आकाश के कोमा बेरेनिस तारामंडल में

शोध के मुताबिक ये छह ग्रह उत्तरी आकाश के कोमा बेरेनिस तारामंडल में हैं। सौरमंडल में कई ऐसे ग्रह हैं, जो पृथ्वी से बड़े, लेकिन नेप्च्यून से छोटे होते हैं। इन्हें सब-नेप्च्यून कहा जाता है। ये आमतौर पर आकाशगंगा में सूर्य जैसे तारों की परिक्रमा करते हैं। जैसे-जैसे ग्रह अपनी कक्षाएं पूरी करते हैं और एक-दूसरे पर गुरुत्वाकर्षण बल लगाते हैं, वैसे-वैसे इनके पैटर्न स्पष्ट होते हैं।

परिक्रमा करते हुए लयबद्ध सीरीज

इन ग्रहों को बी, सी, डी, ई, एफ, जी नाम दिया गया है। एचडी-10067 तारे के सबसे करीब का बी ग्रह जब छह परिक्रमा पूरी करता है तो सबसे बाहरी जी ग्रह की एक परिक्रमा पूरी होती है। इस दौरान बाकी ग्रहों में सी तीन, डी दो, ई चार, जबकि एफ तीन चक्कर पूरे करता है। ये ग्रह परिक्रमा करते हुए लयबद्ध सीरीज बनाते हैं। यह खोज आकाशगंगा में सब-नेपच्यून की उत्पत्ति पर प्रकाश डाल सकती है।