
Scientist Found Rare Human Mind
नई दिल्ली। ज्वालामुखी (volcano) का स्वरूप बेहद विकराल होता है। इसकी आग के आगे कोई नहीं टिक पाता है। इसी का जीता जागता सबूत इटली में देखने को मिला। 79 ईसा पूर्व इटली (Itali) के पोम्पेई शहर में वेसुवियस (Vesuvius) ज्वालामुखी फट गया था। जिसके लावे की चपेट में कई इंसान भी आ गए थे। वैज्ञानिकों को अभी वहां से ऐसे इंसान का दिमाग (human mind) मिला है जो पिघलकर शीशे में बदल गया है।
इस हैरतंगेज अवशेष ने वैज्ञानिकों (scientists) को हिलाकर रख दिया है। उनके मुताबिक ज्वालामुखी ने हजारों लोगों के खून को उबाल दिया था और मांस को भांप बना दिया था। फेडरिको यूनिवर्सिटी के डॉ. पियेर पाओलो पेत्रोने ने बताया कि जब गर्म और उबलता हुआ लावा इंसान के दिमाग के संपर्क में आया तो ये पिघल गया। वहीं बाकी का शरीर पूरा पत्थर में तब्दील हो गया।
डॉ. पियेर पाओलो पेत्रोने ने बताया कि शीशे वाले दिमाग के अध्ययन में पता चला है कि अब भी प्रोटीन बचा है। ऐसे में पता चलता है कि जिस समय यह लावा आया होगा उस समय तापमान कम से कम 500 डिग्री सेल्सियस रहा होगा। मगर हैरानी की बात यह है कि इतने ज्यादा तापमान होने के बावजूद शीशे में बदल गए दिमाग के ऊतक और प्रोटीन अब तक नष्ट नहीं हुए हैं। जबकि शरीर के बाकी हिस्से जलकर खाक हो गए हैं या पत्थर के बन गए हैं।
Published on:
24 Jan 2020 09:32 am
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