
7 साल की बच्ची बनी दुनिया की सबसे छोटी एस्ट्रोनोमर
ब्राजील की सात साल की बच्ची निकोल ओलिविएरा ने हाल ही अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी के लिए एक-दो नहीं बल्कि सात नए क्षुद्रग्रह (asteroids) खोजे हैं। इस उपलब्धि के लिए इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल सर्च कोलाबोरेशन (IASC) ने निकोल को दुनिया की सबसे कम उम्र की खगोलशास्त्री घोषित किया है। दरअसल, निकोल ने नासा के एस्ट्रॉएड खोजने की एक प्रतियोगिता 'एस्ट्रॉएड हंट' (Asteroids Hunt) में हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम को आइएएससी ने आयोजित किया था जिसमें नासा (NASA) भी सहयोगी था।
निकोल को हाल ही ब्राजील के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्रालय के खगोल विज्ञान और विमानिकी विषय पर आयोजित पहली अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में बोलने के लिए भी आमंत्रित किया गया था। दरअसल, जब मंत्रालय को पता चला कि निकोल अपने गृहनगर मैसियो के सीईएएल या सेंट्रो डी एस्टुडोस एस्ट्रोनॉमिको डी अलागोस, अलागोस एस्ट्रोनॉमिकल स्टडीज सेंटर का सबसे कम उम्र का सदस्य है, उन्होंने निकोल को भी संगोष्ठी का निमंत्रण भेजा। निकोल ने पहले ही कुछ क्षुद्रग्रहों को खोजने के अलग-अलग प्रयास किए थे। यह प्रारंभिक अवलोकन उनके काम आया और उन्होंने सात नए क्षुद्रग्रह खोज निकाले।
10 साल की कैथरीन थीं सबसे युवा एस्ट्रोनॉमर
निकोल से पहले यह उपलब्धि कनाडा की कैथरीन औरोरा ग्रे के नाम थी। कैथरीन ने 2011 में एक सुपरनोवा तारा ढूंढा था। यह तारा आकाशंगगा में विस्फोट होने के करीब पहुंच चुका था। इस सुपरनोवा तारे का नाम यूजीसी 3378 था जिसे कैथरीन ने कैमलोपार्डालिस आकाशगंगा के धुंधले नक्षत्र के भीतर ढूंढा था। यह आकाशगंगा हमारी आकाशगंगा से करीब 24 करोड़ (240 मिलियन) प्रकाश वर्ष दूर है।
Published on:
29 Jul 2021 02:45 pm
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