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मध्यप्रदेश के इस एक जिले में 303 कॉलोनी में से 281 अवैध

: नगर पालिका ने दो बार नगरीय प्रशासन को भेज चुकी है प्रस्ताव: वैध करने शासन स्तर पर अटका प्रस्ताव

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illegal colonies of sehore

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सीहोर। शहर की अवैध कॉलोनी नगर पालिका और रहवासियों के लिए मुसीबत का सबब बनकर रह गई हैं। सरकार से अवैध कॉलोनियों को वैध करने की घोषणा होने पर नगर पालिका की तरफ से इन अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए कई बार नगरीय प्रशासन को प्रस्ताव भी भेजा गया है, लेकिन अमल नहीं हो सका है।

हालत यह है कि नगर पालिका अब बिना किसी संकोच के इन अवैध कॉलोनियों में काम भी करा रही है, जिसके कारण शहर की वैध कॉलोनियों में उतने विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं, जितनी जरूरत है।

अवैध कॉलोनियों में सरकारी बजट से निर्माण कार्य कराने को लेकर अफसरों का तर्क है कि राजनीतिक दबाव में निर्माण कार्य कराने पड़ते हैं। पार्षद और नगर पालिका अध्यक्ष और विधायक भी इन कॉलोनियों में निर्माण कार्य कराने के लिए दबाव बनाते हैं, हालांकि यह कॉलोनियों 20 से 30 साल तक पुरानी है।

नपा की मुश्किल बढ़ाकर दूर हो गए कॉलोनाइजर:
नगर पालिका बेहिचक राजनीतिक दबाव में अवैध कॉलोनियों मेंं निर्माण कार्य करा रही है, जिससे दूसरे क्षेत्र के विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। रहवासी नगर पालिका पालिका और जनप्रतिनिधियों पर यह कहकर दबाव बनाते हैं कि वे टैक्स दे रहे हैं, नगर पालिका टैक्स ले रही है तो सुविधाएं देना नगर सरकार की जिम्मेदारी है।

नगर पालिका को टैक्स तो मिल रहा है, लेकिन गाइड लाइन के हिसाब से विकास शुल्क किसी भी कॉलोनाइजार ने जमा नहीं किया है। विकास शुल्क नहीं मिलने के कारण नगर पालिका के खाजाने में उतना पैसा नहीं आ रहा है, जिससे कि पूरे शहर को व्यवस्थित तरीके से डवलप किया जा सके।

नगर पालिका अनुदान में सरकार से मिलने वाली राशि से ही डेवलपमेंट करा रही है। अनुदान राशि भी वैध से ज्यादा अवैध कॉलोनियों में होने वाले निर्माण कार्य पर खर्च हो जाती है, ऐसे में कॉलोनाइजर ने अवैध कॉलोनी काटकर नगर पालिका की मुश्किल बढ़ा दी हैं।

अवैध को वैध करने कई बार भेजा प्रस्ताव
नपा के रिकॉर्ड के मुताबिक 303 कॉलोनी हैं, इनमें से करीब 281 अवैध हैं। अवैध कॉलोनी की की सूची में कई ऐसी कॉलोनी हैं, जो 20 से 30 साल पहले डेवलप की गई थीं।

सरकार से अवैध कॉलोनी को वैध होने की घोषणा के बाद नगर पालिका ने नगरीय प्रशासन को प्रस्ताव भेजा, लेकिन यह अटक कर रह गया है। नगर पालिका के अफसरों की माने तो दो-तीन बार रिमांइडर भी भेजा है, लेकिन कोई जवाब नहीं आया है।

अवैध कॉलोनी की सूची में ये है कुछ बड़े नाम-
एरिया कॉलोनी/ कॉलोनाइजर : खसरा नंबर
कस्बा मधुर पिता गोपाल विजयवर्गीय : 357/1/11/क
छावनी गुरबन सिंह पुत्र सरदार लाभ सिंह : 87/1/1
छावनी अमिता पत्नी जसपाल सिंह अरोरा : 481/4/6,486/2,490/ 1/3,490/1/416
मुरली मेहमूद अली पुत्र सैयद मेहबूब अली : 175-173/3
मुरली राहुल जैन पुत्र साबू लाल जैन : 352/1
छावनी मांगी लाल पुत्र उमराव कुशवाह : 101/13/2

एक नजर में शहर
सीहोर में कुल वार्ड : 35
आबादी : एक लाख 25 हजार
कुल : 22 कॉलोनी है वैध
14.2 वर्ग किलोमीटर है : क्षेत्रफल

यह है नपा की गाइड लाइन
सब इंजीनियर मनोज झंवर ने बताया कि अवैध कॉलोनियों में गाइड लाइन के हिसाब से सुनियोजित तरीके से निर्माण काम नहीं कराए जा सकते हैं। सुनियोजित कार्य में सड़क, नाली, पेयजल सप्लाई, सीवेज नेटवर्क, साफ-सफाई, पुल, पुलिया आदि निर्माण कार्य आते हैं। सांसद, विधायक निधि से भी अवैध कॉलोनी में निर्माण कार्य नहीं कराया जा सकता है, लेकिन रहवासियों की समस्या को देखते हुए नपा कुछ निर्माण कार्य करा रही है।

हमारी तरफ से अवैध कॉलोनियों को वैध करने शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन उस पर अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। नगर पालिका इसका रिमांडर भी भेज चुकी है। शासन स्तर से आगे जो भी आदेश मिलेंगे, उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
- संदीप श्रीवास्तव, सीएमओ नगर पालिका सीहोर