
broad bed furrow technology: सीहोर विकासखण्ड सीहोर की ग्राम पंचायत जमुनिया के ग्राम पड़ली में ब्रॉड बेड फरो (बीबीएफ) पद्धति से सोयाबीन की बोवनी की गई है। मंगलवार को कलेक्टर प्रवीण सिंह कृषि विभाग के उप संचालक केके पाण्डे के साथ ब्रॉड बेड फरो से की गई बोवनी को देखने पहुंचे। कलेक्टर सिंह ने उप संचालक पांडे से बोवनी की नई पद्धति के चर्चा की। कलेक्टर ने यहां पर दूसरे किसानों को ब्रॉड बेड फरो पद्धति से होने वाले लाभ के बारे में बताया। कृषि विभाग को इस पद्धति से खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित करने के निर्देश दिए।
ब्रॉड बेड फरो को मूल रूप से सोयाबीन के खेतों में पानी की समस्या से निपटने के लिए विकसित किया गया है, जहां हल्की एवं मध्यम काली मिट्टी वाले क्षेत्र है, वहां पर किसानों द्वारा ब्रॉड बेड फरो (बीबीएफ) या चौड़ी क्यारी और नाली पद्धति से बोवनी की जाती है।
मिट्टी की नमी का प्रबंधन वर्षा के पानी का मिट्टी में रिसाव और नमी अवधारणा को बढ़ाकर एवं पानी के बहाव, मृदा अपरदन को कम करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
बीबीएफ मशीन द्वारा गहरी नाली बनाकर अधिकतम वर्षा के दौरान जल की निकासी की जाती है और कम वर्षा होने पर गहरी नाली नमी के संरक्षण का काम करती है, जिससे दोनों स्थितियों के हानिकारक प्रभाव कम हो जाते है।
कृषि विभाग के उप संचालक पांडे ने बताया कि ब्रॉड बेड फरो में सीड प्लेसमेन्ट के लिए एडजेस्टमेंट की सुविधा दी गई होती है। इस बहुउद्देशीय मशीन का उपयोग प्रदाय किए गए फरो ओपनर को जोडकऱ एवं हटाकर खरीफ व रबी दोनों फसलों के लिए किया जा सकता है। इस मशीन से पंक्ति से पंक्ति की दूरी एडजेस्ट की जा सकती है। ब्रॉड बेड फरो से बने चैनलों या नाली के माध्यम से आसानी से सिंचाई की जा सकती है। ब्रॉड बेड फरो में बोए गए बीजों को मिट्टी से एक साथ ढकने की सुविधा होती है। ब्रॉड बेड फरो में 5 फरो ओपनरों के साथ 4 अतिरिक्त फरो ओपनर का प्रावधान है। इस तकनीक के उपयोग से फसल उत्पादन में 14.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है।
जिले में खरीफ का रकबा करीब सवा चार लाख हेक्टेयर है। खरीफ बोवनी का कार्य 95 से 97 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है। खरीफ सीजन में सबसे ज्यादा बोवनी सोयाबीन की होती है। इस बार सोयाबीन का रकबा करीब 3 लाख 40 हजार हेक्टेयर है। खरीफ बोवनी के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक का समय अनुकूल होता है, लेकिन इस बार बारिश रूक-रूक कर होने से बोवनी का काम जुलाई के पहले सप्ताह में ही पूर्ण हो चुका है। अब किसान तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
Updated on:
10 Jul 2024 11:23 am
Published on:
10 Jul 2024 11:13 am
बड़ी खबरें
View Allसीहोर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
