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मुख्यमंत्री ने कोरोना वॉरियर बताकर की थी तारीफ, वही सीएमएचओ भ्रष्टाचार में फंसे

नर्सिंग कॉलेज के लिए फर्जी अस्पतालों को अनुमति देने को लेकर जमकर हुआ खेल

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सीहोर. कोरोना संक्रमण की पहली लहर में जिस डॉक्टर की तारीफ में खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तारीफों के पुल बांधे थे अब वही सीएमएचओ नर्सिंग कॉलेज के लिए फर्जी अस्पतालों को अनुमति देने को लेकर भ्रष्टाचार में फंस गए हैं। सीहोर जिले के सीएमएचओ डॉ. सुधीर डहेरिया ने एक रात में 100, 200 और 300 बेड के करीब आधा दर्जन अस्तालों को अनुमति दी थी। जिसमें से कुछ अस्पताल मौके पर है ही नहीं।

पत्रिका की पड़ताल में सामने आए ऐसे ही दो प्राइवेट अस्पताल और जिनमें श्यामपुर के सोनकच्छ और सीहोर भोपाल नाका स्थित है। इन अस्पतालों को भी रेकॉर्ड में 100 बेड का बताया गया है, जबकि यह मौके पर इतनी क्षमता के नहीं हैं। एक में सिर्फ चार बेड हैं और दूसरे में बेड तो 15 से 20 है, लेकिन इनका उपयोग मरीजों के उपचार में शायद ही कभी हुआ है।

एक रात में कर दीं इतनी जांच
सीहोर जिले में यह गड़बड़ झाला केवल सीएमएचओ डॉ. सुधीर डहेरिया तक ही सीमित नहीं है, जिला स्तरीय वह जांच कमेटी भी संदेह के घेरे में है, जो सीएमएचओ के अनुमति देने से पूर्व इन प्राइवेट अस्पताल का भौतिक सत्यापन करती है। भौतिक सत्यापन में न केवल अस्पताल के बेड देखे जाते हैं, बल्कि बिल्डिंग, ओपीडी एरिया, परामर्श कक्ष, एमरजेंसी किट, आईपीडी एरिया आदि देखते हैं, लेकिन नर्सिंग कॉलेज की संबद्धता के लिए एक रात में अफसरों ने यह सभी जांच एक रात में कैसे कर लीं, यह बड़ा सवाल है।

अधीनस्तों को सौंपी खुद की जांच
नर्सिंग कॉलेज की संबद्धता के लिए एक रात में खुले 100, 200 और 300 बेड के अस्पताल की जांच के लिए सीएमएचओ डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया द्वारा तीन सदस्यीय एक कमेटी बनाई गई है। इस जांच कमेटी का सीएमएचओ ने अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य अधिकारी-1 डॉ. टीआर उइके और सदस्य जिला क्षय अधिकारी डॉ. जेडी कोरी, प्राचार्य एएनएमटीसी जयंती चौरसिया, संगणक अर्जुन सुखेजा को बनाया है। नर्सिंग कॉलेज की संबद्धता के लिए एक रात से 5 और 10 बेड के अस्पताल को 100, 200 और 300 बेड की अनुमति सीएमएचओ डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने स्वयं दी है। सीएमएचओ ने खुद के खिलाफ जांच अपने ही अधीनस्त अफसरों को दी है। लिहाजा जांच कमेटी बनने के साथ ही सवाल खड़े हो गए हैं। सीएमएचओ के खिलाफ उनके अधीनस्त निष्पक्ष जांच कैसे करेंगे?

एवीबीपी ने जलाया पुतला
जिले में नर्सिंग कॉलेज की संबद्धता के लिए एक रात में खुले फर्जी 100, 200 और 300 बेड के अस्पतालों के मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सीएमएचओ डॉ सुधीर डेहरिया का पुतना जलाया है और उनपर कार्यवाही की मांग की है। एवीबीपी ने प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज और अस्पतालों के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की मांग जिला कलेक्टर से की है। आरोप है कि अस्पतालों में हुए फर्जीवाड़े का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।
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