
नर्मदा मैया बदलेगी सीहोर जिले के सिंचाई से वंचित क्षेत्र की तस्वीर-मुख्यमंत्री
सीहोर/आष्टा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर जिले की महत्वाकांक्षी नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना का शिलान्यास किया। परियोजना के पहले और दूसरे चरण में इंदिरा सागर जलाशय से लगभग 295 मीटर ऊंचाई तक पानी लिफ़ट कर किसानों के खेतों तक पाइप लाइन के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। इसके लिए पहला पंपिंग स्टेशन कन्नोद तहसील के धरमपुरी में बनाया जाएगा। दूसरा पंपिंग स्टेशन आष्टा तहसील के सिंगारचोली गांव के पास निर्मित जंक्शन स्ट्रक्चर में डालकर खेतों तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी। योजना से सीहोर जिले की आष्टा, जावर तथा इछावर तहसील के 187 गांवों का लगभग ढाई लाख एकड़ रकबा सिंचित होगा।
आष्टा में मंगलवार को संपन्न शिलान्यास के समारोह अवसर पर आयोजित आमसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर सीहोर जिले के किसानों की तकदीर बदलेगी और क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। इस योजना के माध्यम से किसानों को ढाई हेक्टेयर तक के चक में पाइप लाइन के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। योजना से सीहोर जिले के उन किसानों को सिंचाई का लाभ मिलने लगेगा जो भौगोलिक रूप से नर्मदा नदी से ऊंचाई पर बसे हैं। किसानों को सिंचाई के लिए पानी जल्दी मिल सके इसके लिए नहरों के स्थान पर पाइप लाइन से सिंचाई की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा-क्षिप्रा-कालीसिंध-पार्वती नदियों को जोड़ा जा रहा है। इस पर करीब बीस लाख करोड़ रुपए लागत आएगी और साढ़े सात लाख हैक्टेयर ऐसे क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी, जहां किसान केवल अच्छी वर्षा होने पर ही फसल ले पाते थे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या से भी निजात मिलेगी।
सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने कटिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर हाल में किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज ही सीहोर जिले के एक लाख इक्यावन हजार से अधिक किसानों के खातों में फसल बीमा योजना की 482 करोड़ से अधिक राशि जमा कराई गई है। पिछले साल बेचे गए गेंहू पर 200 रुपये प्रति क्विंटल के मान से बोनस दिया गया।
श्री चौहान ने विभिन्न फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इसका लाभ भी मध्यप्रदेश के किसानों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की सोयाबीन को चीन निर्यात करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, इससे भी मध्यप्रदेश के किसानों को फायदा होगा। मध्यप्रदेश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए शुरु की गई संबल योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह योजना देश भर में अनूठी योजना है। अभी तक प्रदेश में करीब दो करोड़ असंगठित श्रमिकों ने इस योजना में अपना पंजीयन कराया है। गरीब परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा, चिकित्सा देने की व्यवस्था संबल योजना में की गई है।
भारी भरकम बिलों से गरीबों को मिलेगी निजात
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बिजली के भारी-भरकम बिल गरीबों को परेशान नहीं करेंगे। प्रदेश के सभी जिलों में शिविर लगाकर गरीबों के बिजली के बिल माफ किए जा रहे हैं। इसके बाद उन्हें हर माह दो सौ रुपये महीने के मान से बिजली बिल दिए जाएंगे। जिसमें चार बल्ब, दो पंखे, एक कूलर और टीवी चलाया जा सकेगा। अंसगठित क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिकों को रहने के लिए जमीन तथा मकान बनाकर दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास के लिए सभी के सहयोग की अपेक्षा की है। इसके पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 119.11 करोड़ रुपए की लागत से 22 कार्यों का भूमिपूजन तथा 75.9 करोड़ लागत से 6 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने सभा स्थल समीप पौधरोपण किया तथा आमजन से कम से कम एक पेड़ लगाने की अपील की।
कार्यक्रम में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री तथा सीहोर जिला प्रभारी रामपाल सिंह, नर्मदा घाटी विकास विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लालसिंह आर्य, सांसद मनोहर ऊंटवाल, आष्टा विधायक रंजित सिंह गुणवान, सीहोर विधायक सुदेश राय, जसवंत सिंह हाड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष उर्मिला मरेठा, पाठय़ पुस्तक निगम के अध्यक्ष रायसिंह सैंधव, प्रदेश भाजपा मंत्री रघुनाथ सिंह भाटी, जिला भाजपा अध्यक्ष सीताराम यादव जनप्रतिनिधि तथा कलेक्टर तरुण कुमार पिथोड़े, एसपी राजेश सिंह चंदेल उपस्थित थे।
Published on:
18 Jul 2018 10:03 am
बड़ी खबरें
View Allसीहोर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
