
प्रभारी मंत्री के आदेश पर कलेक्टर ने सीएमओ को लिखा एफआईआर के लिए पत्र
सीहोर. नसरुल्लागंज नगर पंचायत की वित्तीय अनियमित्ताओं को लेकर कलेक्टर ने दोषी अफसर और जनप्रतिनिधियों पर एफआईआर के आदेश दिए हैं। नसरुल्लागंज सीएमओ प्रहलाद मालवीय को कलेक्टर ने पत्र प्रभारी मंत्री आरिफ अकील की तरफ से मिले आदेश को लेकर लिखा है। प्रभारी मंत्री के आदेश पर शनिवार को कलेक्टर अजय गुप्ता ने सीएमओ को पत्र तो लिखवा दिया है, लेकिन अभी सीएमओ मालवीय ने एफआईआर नहीं कराई है। मालूम हो, नगर पंचायत में जिस समय वित्तीय अनियमित्ताएं हुई हैं, सीएमओ के पद पर रेहटी सीएमओ शैलेन्द्र सिंहा और अध्यक्ष अनीता लखेरा थीं।
जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले नसरुल्लागंज नगर परिषद के खिलाफ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में एक शिकायत की गई। शिकायत पर नगरीय प्रशासन ने तीन सदस्यीय टीम बनाई और जांच कराई तो सामने आया कि नलकूप खनन, जर्जर सड़कों के मेंटनेंस, स्वागत द्वार निर्माण आदि में वित्तीय अनियमित्ताएं की गई हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग संभाग भोपाल के सहायक यंत्री राकेश कुमार चौबे, कार्यपालन यंत्री आलोक चौकसे, संयुक्त संचालक संतोष कुमार दवे की कमेटी द्वारा की गई जांच में सामने आया है कि नगर परिषद ने सड़कों पर साल 2018-19 में सात लाख 64 हजार 365 रुपए की मुरम डलवाई। मुरम का ठेका अफसरों ने अपने चहेतों को बिना निविदा जारी किए दे दिया। नगर परिषद ने 20 नलकूप खनन के लिए आठ लाख 61 हजार रुपए की वित्तीय स्वीकृति ली और 19 लाख 87 हजार 500 रुपए खर्च कर 27 नलकूप खनन करा दिए। नलकूप खनन के नाम पर स्वीकृति के विरुद्ध जाकर 11 लाख 26 हजार 500 रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया। नगर पंचायत के खिलाफ की गई जांच में सामने आया है कि बिना निविदा का प्रकाशन कराए स्वागत द्वार बनाने का ठेका दिया और ठेकेदार को दो किस्त में क्रमश: दो लाख 21 हजार 937 रुपए और सात लाख 61 हजार 526 रुपए का भुगतान कर दिया। इसी प्रकारभारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाने के मामले में भी वित्तीय अनियमित्ता सामने आई है, जिसे लेकर प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर को दोषियों के खिलाफ एफआईआर कराने के आदेश दिए हैं।
Published on:
05 Jan 2020 01:40 pm
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