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ओवरलोड वाहनों पर नहीं रोक, हर दिन हो रहे हादसे

गुड्स वाहनों में भी हो रही ओवर लोडिंग,यात्री वाहनों में नहीं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, बस दुघर्टनाओं के मामले में भी आ रहे हर सातवें दिन, विभाग भी कर

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ओवरलोड वाहन

सीहोर. बसों में सफर करना जान जोखिम में डालने के बराबर है। कारण यह है कि शहर के सभी रूटों पर चल रहीं बसें यात्रियों से ठसाठस भरकर चलती हैं। जितनी सवारियां बस के अंदर सीटों पर नहीं होती उससे कहीं ज्यादा सवारियां बसों में खड़ी रहती है या गेट पर लटकी रहती हैं। गुड्स वाहनों में भी सवारियों को बैठाने पर पाबंदी है।

इसके बाद भी गुड्स वाहन भी सवारियों से भरे नजर आते हैं। ओवरलोडिंग के कारण कई बार हादसे हो चुके हैं। इस दिशा में परिवहन और यातायात विभाग भी कई बार अंजान बना हुआ नजर आता है। वाहन चालकों की मनमानी के चलते कई बार एक्सीडेंट हो जाते हैं। शहर के प्रमुख इंदौर-भोपाल मार्ग पर ही लगभग प्रतिदिन सड़क हादसों के मामले सामने आ रहे हैं। गुना में हुए सड़क हादसे में एक दर्जन लोगों की जान चली गई। इस तरह के हादसे की सूचना आए दिन आती रहती है।

सड़क हादसों के करीब ७५ से ८० प्रतिशत मामले यातायात नियमों के पालन नहीं किए जाने के कारण सामने आते हैं, वहीं यातायात व्यवस्था का पालन कराने वाले भी सुस्त नजर आते हैं। इसके कारण शहर से चलने वाले विभिन्न रूटों पर अनेक ऐसे वाहन भी दौड़ रहे हैं, जिन्हें सड़कों पर नहीं होना चाहिए। सड़क हादसों की मुख्य वजह यात्री वाहनों का फिट नहीं होना, मार्ग पर तय रफ्तार से अधिक गति से दौडऩा, वाहनों में सुरक्षा के उपकरण नहीं होना, इमरजेंसी द्वार नहीं या समय पर नहीं खुलना, वाहन चालकों की लापरवाही, नियमों की जानकारी नहीं होना सहित कई खामियां दुर्घटना के बाद ही पता चलती है।

गुड्स वाहनों में भी ले जाया जा रहा यात्रियों को
गुड्स वाहनों में भी सवारियां भरकर ओवर लोडिंग की जा रही है। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गुड्स वाहन ओवर लोड सवारियों के साथ शहर के अलावा मैन मार्गों से भी निकलते हुए नजर आ जाते हैंं।
इंदौर-भोपाल रोड पर अधिक दौड़ते से सबसे अधिक वाहन

सवारी वाहनों के मुकाबले सबसे ज्यादा वाहन भोपाल से इंदौर मार्ग पर चलते है। मार्ग पर औसतन प्रतिदिन १५० से २०० यात्री बसें चलती है। चालक समय बचाने और अन्य बस से पहले पहुंचने के चलते अंधी गति से बस दौड़ाते है। वहीं ग्र्रामीण क्षेत्रों में भी अधिकतर क्षमता से ज्यादा सवारियों को को बैठाया जाता है, लेकिन इसे रोकने कोई भी प्रयास न तो परिवहन विभाग करता है न ही यातायात पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभाती है।

इंदौर-भोपाल मार्ग पर १६ स्थानों को माना है दुघर्टना जोन
भोपाल-इंदौर हाइवे सड़क हादसों के मामले में सबसे अधिक संवेदनशील है। मार्ग पर ओवरलोडिंग के अलावा तेज रफ्तार के कारण लगभग हर दिन सड़क हादसों के मामले सामने आते हैं। पुलिस विभाग ने इंदौर-भोपाल राजमार्ग पर १६ स्थानों को चिन्हित कर दुघर्टना जोन माना गया है। इनमें अधिकांश स्थान चौराहे हैं। पुलिस की माने तो इन स्थानों पर दुघर्टनाओं को टालने के लिए मुख्य मार्गों को जोडऩे वाले मार्ग योजना तैयार कर पीडब्ल्यूडी के माध्यम से इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा।

डेढ़ सौ से अधिक हो चुके हैं हादसे
पिछले अप्रैल माह की बात करें तो जिले में १५० से अधिक सड़क हादसे हो चुके हैं। हादसे में अब तक दो दर्जन लोगों की जान तक जा चुकी है। वहीं करीब सौ लोग घायल हो गए हैं, लेकिन वाहनों में ओवर लोडिंग के साथ ही यातायात नियमों की वाहन चालकों द्वारा धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इन नियमों के पालन और वाहनों पर निगरानी रखने परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन यह जिम्मेदार भी महज अपनी खानापर्ति कर इतिश्री कर लेते है। यही वजह है कि कई बार हादसों के बाद वाहनों में कई खामियां मिलती है।

दो सौ से अधिक बसों पर कार्रवाई
जिला परिवहन विभाग के अनुसार ओवरलोड और यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाली बसों पर इंदौर-भोपाल राजमार्ग पर चालानी कार्रवाई की गई।एक मईसे १५ मईतक चलाए गए अभियान के तहत दो सौ से अधिक बसों के चालान बनाए गए और करीब डेढ़ लाख रुपए जुर्माना वसूला गया।

क्या कहते हंै यात्री
-अधिकतर यात्री बसों में सुविधा के नाम पर कुछ नहीं होता है। तेज रफ्तार से बसों को दौड़ाया जाता है। यातायात के नियमों के साथ वाहन फिटनेस को लेकर विभाग को ध्यान देना चाहिए। - रितेश यादव, अपडाउनर सीहोर

-सड़कों पर बड़े वाहन खतरनाक स्थिति में खड़े रहते है। वही खराब वाहन भी बीच मार्ग पर ही खड़े रहते है। एसे वाहनों पर सूचना संकेतक नहीं लगाए जाते। इस वजह से कई बार दुर्घटनाए होती है। -गोवर्धन शर्मा, यात्री

-यातायात चैकिंग के दौरान सभी तरह के वाहनों की नियम अनुसार जांच कर कार्रवाई की जाती है। ओवर लोडिंग सहित यात्री बस के फिटनेस को लेकर भी ध्यान दिया जाता है। - कमल सिंह ठाकुर, यातायात प्रभारी

-ओवर लोड वाहनों के अलावा बिना फिटनेस सहित यातायात नियमों को तोडऩे वाले वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। मई माह में एक से १५ मई तक अभियान चलाकर दो सौ से अधिक वाहनों पर कार्रवाई कर डेढ़ लाख से अधिक जुर्माना वसूला गया। -अनुराग शुक्ला, जिला परिवहन अधिकारी सीहोर

- इंदौर-भोपाल रोड पर सड़क दुघर्टनाओं के मामले कम करने पीडब्ल्यूडी के माध्यम से योजना तैयार कराई जा रही है। मार्ग के प्रमुख १६ एक्सीडेंट जोन को योजना में शामिल किया जा रहा है। -राजेश सिंह चंदेल, एसपी सीहोर

फैक्ट फाइल
शहर से इस तरह रूटों पर चलते हैं वाहन
सीहोर-भोपाल-३० मिनी बसें
इन्दौर-भोपाल रूट १७५ बसें व १५ एसी बस
सीहोर-कुरावर रूट-१० बसें
सीहोर-शुजालपुर रूट-१२ बसें
सीहोर- इछावर रूट-०९ बसें
सीहोर-नसरूल्लागंज रूट-०८ बसें
सीहोर-दोराहा रूट-०५ बसें
सीहोर से आष्टा रूट- ४० क्रूजर जीप
सीहोर-भोपाल रूट-३० टैक्सियां
ग्रामीण क्षेत्रों में-१० से अधिक छोटी बड़ी बसें