सीहोर. प्याज खरीदी ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। जिले में एक के बाद एक जिले के आठ गोदाम फुल हो चुके हैं। जिले में 50 हजार क्विंटल से अधिक की खरीदी 50 हजार क्विंटल से अधिक की हो चुकी है। सीहोर, आष्टा के गोदाम फुल हो जाने पर अब प्याज को नसरुल्लागंज भेजा जाएगा। समर्थन मूल्य पर प्याज की खरीदी 4 जून से शुरू हुई है। प्याज की खरीदी शुरू होने के साथ ही किसानों ने अपनी उपज समर्थन केन्द्र पर लाना शुरू किया तो प्रशासन भी सकते में आ गए। इधर प्याज की बेचने में भी किसानों को पसीने आने लगे।सीहोर और आष्टा दोनों स्थानों पर प्याज खरीदी के दौरान कई बार हंगामे के साथ ही चक्काजाम की भी स्थिति बनी। अंतत:प्रशासन ने सीहोर और आष्टा दोनों स्थानों पर गल्ला मंडी के खुले शेड में प्याज की खरीदी शुरू की। तब जाकर किसानों को थोड़ी राहत मिली।
अब नसरुल्लागंज जाएगी प्याज
प्याज की जोरदार आवक के चलते सीहोर, आष्टा के आठ गोदाम और वेयर हाउस फुल हो चुके हैं। इसके साथ ही भंडारण की समस्या को देखते हुए सीहोर और आष्टा की प्याज को नसरुल्लागंज भेजा जाना शुरू कर दिया है।
55 हजार क्विं. पहुंची प्याज की खरीदी
जिला आपूर्ति विभाग के अनुसार 12 जून तक जिले में 45 क्विंटल प्याज की खरीदी हो चुकी थी। वहीं 13 जून को भी सीहोर और आष्टा दोनो केन्द्रों पर करीब 10 हजारक्विंटल की प्याज की खरीदी की गई। जिले में अभी तक 55 हजार क्विंटल प्याज की खरीदी हो चुकी है।
सरकारी प्याज खरीदी अब प्रशासन के गले की हड्डी बनती जा रहा है। पहले ही खरीदी प्रक्रिया आधी-अधूरी व्यवस्थाओं के चलते प्रभावित हो रही है। इधर, अब नई समस्या खरीदे गए प्याज के भंडारण को लेकर सामने आ खड़ी हुई है। सप्ताहभर पूर्व खरीदे गए प्याज को सुरक्षित रखने में अब खरीदी केन्द्र प्रभारियों को पसीने आने लगे हंै। खरीदी केन्द्रों के गोदामों में अब प्याज सडऩा प्रारंभ हो गई है। गल्ला मंडी के पास मंडी से मुरली गांव की मार्गपर बने वेयर हाउस में प्रतिदिन पांच से छह क्विंटल प्याज खराब निकल रही है।हालांकि इस संबंध में प्रशासन का तर्क है कि प्याज की छंटाई प्रत्येक गोदाम और वेयर हाउस पर कराई जा रही है।प्याज की छंटाई नहीं कराने पर पूरी प्याज खराब हो जाएगी।