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रबी फसल की सिंचाई में बिजली बनी रोड़ा

एक दर्जन गांव के 25 ट्रांसफार्मर से बंद की सप्लाई

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,Billy Company has not deposited the outstanding balance

शैक्षिक भ्रमण के लिए ५० विद्यार्थियों का दल रवाना,Faith Motor seized on stealing electricity.

सीहोर/आष्टा. रबी सीजन की सिंचाई में बिजली कटौती और लॉ-वोल्टेज की समस्या किसानों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। सरकार सिंचाई के लिए रात और दिन में 5-5 घंटे बिजली देने की बात कह रही है, लेकिन सीहोर जिले में किसानों को 10 घंटे बिजली मिलना तो दूर कंपनी के अफसर बकाया वसूली के लिए कनेक्शन काट रहे हैं। किसानों पर बिजली चोरी के प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। बीते एक महीने से किसान परेशान हैं।

बिजली बिल की बकाया राशि जमा नहीं होने को लेकर हाल ही में कंपनी ने आष्टा ब्लॉक के एक दर्जन गांव की सप्लाई बंद की गई है। यहां पर 25 ट्रांसफार्मर से किसानों की सप्लाई बंद की गई है। रबी फसल 10 से 18 दिन की हो गई है, गेहूं को पानी की जरूरत है और कंपनी किसानों को पर्याप्त बिजली मुहैया कराने के बजाय सप्लाई बंद कर रही है। किसान फसल सूखने को लेकर चिंतित होने लगे हैं। आष्टा ब्लॉक में बिजली कंपनी के केवल एक दर्जन गांव की सप्लाई ही बंद नहीं की है, यहां पर बीते 10 दिन में कंपनी ने बिजली चोरी के 25 प्रकरण दर्ज कर चार पंप और मोटर भी जब्त किए हैं। बिजली कंपनी की कार्रवाई से किसानों में हड़कंप की स्थिति बन गई है।

किसानों का तर्क- नहीं सुधर रही व्यवस्था
किसानों का आरोप है कि कंपनी बकाया वसूलने जितनी सख्त है, उतना व्यवस्था सुधारने पर ध्यान नहीं दे रही है। पलेवा और सिंचाई करने कंपनी ने 10 घंटे बिजली देना निर्धारित किया है, उसमें भी कई बार बीच में कटौती की जाती है। वोल्टेज कम आने से मोटर नहीं चल पाती है, जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को दूर करने लगातार अफसरों को अवगत कराया जा रहा है, लेकिन कुछ नहीं हो रहा है।

खराब ट्रांसफार्मर बदलने में भी देरी
मेहतवाड़ा क्षेत्र के बीलपान गांव में प्रजापति वाला ट्रांसफार्मर 10 दिन से जला पड़ा है। ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण बिजली सप्लाई बंद है। घरेलू और कृषि उपभोक्ता शिकायत कर चुके, लेकिन बिजली कंपनी ट्रांसफार्मर नहीं बदल रही है। गांव के फूलसिंह, गगन सिंह पडिय़ार, इंदरसिंह, रामचंदर प्रजापति ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने से सिंचाई कार्य ठप हो गया है। इस संबंध में बिजली कंपनी को अवगत कराया है, लेकिन अब तक जले हुए ट्रांसफार्मर को नहीं बदल गया है।

एक नजर में स्थिति
- आष्टा ब्लॉक में 90 हजार बिजली उपभोक्त।
- उपभोक्ताओं का कंपनी पर कुल 53 करोड़ रुपए बकाया।
- सिंचाई कृषि पंप उपभोक्ता 22 हजार।
- कृषि उपभोक्ताओं पर कंपनी का 25 करोड़ बकाया।

कंपनी ने यहां बंद की है सप्लाई
गांव ट्रांसफार्मर बकाया राशि
मेहतवाड़ा-कुंडिया धागा पाल वाला 100 केवीए 37 हजार 100 रुपए
कुंडिया धागा छतरी वाला 100 केवीए एक लाख 16 हजार रुपए
मेहतवाड़ा तालाब वाला 100 केवीए एक लाख 25 हजार 535 रुपए
मेहतवाड़ा मोहन वाला 63 केवीए 17 हजार 550 रुपए
दरखेड़ा विजेंद्र/भागीरथ 25 केवीए 8 हजार 435 रुपए
दरखेड़ा नर्बतसिंह वाला 63 केवीए एक लाख 80 हजार 378 रुपए
दरखेड़ा चराडिय़ा वाला 100 केवीए 93 हजार रुपए
दरखेड़ा खारचा वाला 100केवीए एक लाख 48 हजार 307 रुपए
झिलेला पंप गांव वाला 100 केवीए एक लाख 14 हजार 347 रुपए
भावखेड़ा अमरसिंह वाला 63 केवीए 23 हजार रुपए
गुराडिय़़ा वर्मा जिरात वाला 100 केवीए एक लाख 54 हजार 353 रुपए
ग्वाली नदी वाला 100 केवीए एक लाख 26 हजार रुपए
ग्वाली गांव वाला 200 केवीए 98 हजार 990 रुपए


-हमारी तरफ से बकायादारों को राशि जमा करने की बार-बार बोला जा रहा है, फिर भी कई उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर रहे हैं। उपभोक्ताओं के इस रवैए को लेकर सप्लाई बंद की है। कुछ उपभोक्ता राशि भी जमा करा रहे हैं, राशि जमा होने पर सप्लाई चालू कर दी जाएगी।
राजीव रंजन, डीई बिजली कंपनी आष्टा