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सीहोर पुलिस ने पीटीआरआई को लिखा पत्र ‘भोपाल-इंदौर ग्रीन एक्सप्रेस-वे नहीं, हाइवे को सिक्स लेन बनाए सरकारÓ

इंदौर-भोपाल स्टेट हाइवे पर सीहोर के 86 किलोमीटर में होते हैं हर साल 800 से ज्यादा हादसे

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सीहोर पुलिस ने पीटीआरआई को लिखा पत्र 'भोपाल-इंदौर ग्रीन एक्सप्रेस-वे नहीं, हाइवे को सिक्स लेन बनाए सरकारÓ

सीहोर पुलिस ने पीटीआरआई को लिखा पत्र 'भोपाल-इंदौर ग्रीन एक्सप्रेस-वे नहीं, हाइवे को सिक्स लेन बनाए सरकारÓ

सीहोर. सीहोर पुलिस ने भोपाल-इंदौर सिक्सलेन ग्रीन एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर असहमति व्यक्त की है। सीहोर पुलिस ने पीटीआरआई (पुलिस ट्रैनिंग एण्ड रिसर्च इंस्ट्रीट्यूट) को पत्र लिखा है कि भोपाल-इंदौर सिक्सलेन ग्रीन एक्सप्रेस-वे के बजाय इंदौर-भोपाल स्टेट हाइवे को ही सिक्स-लेन में डेवलप किया जाए। सिक्स-लेन के साथ स्टेट हाइवे पर फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण किया जाए, ताकि ट्रैफिक को प्रभावित होने से बचाया जा सके।

सीहोर पुलिस ने यह पत्र सड़क हादसे रोकने और वीआईपी मूमेंट को देखते हुए लिखा है। सीहोर जिले में रोज औसत 5 से 7 वीआईपी का मूमेंट रहता है। कई विधायक और मंत्री इंदौर-भोपाल स्टेट हाइवे पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने के कारण हादसे का शिकार हो चुके हैं। भोपाल-इंदौर सिक्सलेन ग्रीन एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर खर्चा भी ज्यादा होगा और समय भी अधिक लगेगा। ऐसे में इंदौर-भोपाल स्टेट हाइवे पर बढ़ते हादसों को रोकने के लिए पुलिस पीटीआरआई के माध्यम से राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति को सुझाव भेजा है कि भोपाल-इंदौर सिक्सलेन ग्रीन एक्सप्रेस-वे के बजाय इंदौर-भोपाल स्टेट हाइवे को ही सिक्स-लेन किया जाए।

सीहोर में होते हैं सबसे ज्यादा सड़क हादसे
सीहोर में सबसे ज्यादा सड़क हादसे इंदौर-भोपाल स्टेट हाइवे पर फंदा टोल से दौलतपुरा घाटी तक 86 किलो मीटर में होते हैं। पुलिस रेकॉर्ड के मुताबिक इस क्षेत्र में करीब 27 ब्लैक स्पॉट हैं। पुलिस ने इन ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के लिए संबधित विभागों से समय-समय पर पत्राचार भी किया है, लेकिन सहयोग नहीं मिलने के कारण ब्लैक स्पॉट खत्म नहीं हो सके हैं। नतीजन, सड़क हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। इंदौर-भोपाल हाइवे पर हर साल 180 से 200 व्यक्तियों की मौत हो रही है।
हाइवे पर हादसों के ये बताए कारण
- 10 साल पहले हाइवे किनारे कृषिभूमि थी, अब आबादी क्षेत्र विकसित हो गए हैं। कई जगह तो कमर्शियल गतिविधियों का संचालन हो रहा है।
- ट्रैफिक दबाव तेजी से बढ़ रहा है। ट्रैफिक दबाव अधिक होने और हाइवे के फोरलेन होने को लेकर हादसे हो रहे हैं।
- इंदौर-भोपाल स्टेट हाइवे पर दूसरे की अपेक्षा ज्यादा वीआईपी मूमेंट रहता है। वीआईवी के हादसे का शिकार होने का डर बना रहता है।
- हाइवे के सिक्सलेन में डेवलप होकर फ्लाईओवर बनने से ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों की संख्या में कमी आएगी।

हाइवे के ब्लैक स्पॉट से रोज निकलते सात वीआईपी
सीहोर में इंदौर-भोपाल हाइवे पर 86 किलो मीटर सबसे ज्यादा संवेदनसील क्षेत्र है और यहां से रोज पांच से सात वीआईपी निकलते हैं। 28 जनवरी को विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति, सांसद प्रज्ञासिंह ठाकुर, मंत्री प्रियव्रत सिंह, जीतू पटवारी, भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय इंदौर-भोपाल स्टेट हाइवे से निकले। इसके बाद 29 जनवरी को पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती, न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, 30 जनवरी को नेताप्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, न्यायमूर्ति वीपीएस चौहान, मंत्री प्रियव्रत सिंह, जीतू पटवारी, न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन, मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधे व 31 जनवरी को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, डॉ. विजयलक्ष्मी साधो, सचिन यादव आदि का ने आवाजाही की।


अधर में है ग्रीन एक्सप्रेस-वे का प्रस्ताव
भोपाल-इंदौर सिक्सलेन ग्रीन एक्सप्रेस-वे का निर्माण पहले नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के माध्यम से किया जाना था, लेकिन बीच में केन्द्र सरकार से पटरी नहीं बैठने का लेकर इसके निर्माण की जिम्मेदारी कमलनाथ सरकार ने ली। अफसरों ने जब इसका पूरा प्रस्ताव तैयार किया और सामने आया कि भोपाल-इंदौर सिक्सलेन ग्रीन एक्सप्रेस-वे करीब पांच हजार करोड़ का खर्चा होगा तो प्रदेश सरकार ने हाथ खींचना शुरू कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इंदौर-भोपाल स्टेट हाइवे को ही सिक्स-लेन बनाने की बात कही थी, तभी से यह मामला अधर में लटका हुआ है।
वर्जन...
- ट्रैफिक पुलिस की तरफ से पीटीआरआई को भोपाल-इंदौर सिक्सलेन ग्रीन एक्सप्रेस-वे के बजाय इंदौर-भोपाल स्टेट हाइवे को सिक्स लेन बनाने के लिए पत्र लिखा है। देवास पुलिस ने भी ऐसी पहल की है। हादसे रोकने के लिए हाइवे पर सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं। इससे सरकार को खर्चा भी कम आएगा और हादसे भी कम हो जाएंगे।
समीर यादव, एएसपी सीहोर