सीहोर। जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान भोपाल संभाग के कमिश्नर अजात शत्रु ने नगर पालिका के शांति वाहन को शव वाहन बनाने के आदेश स्थानीय प्रशासन को दिए गए थे। कमिश्नर के आदेश के एक सप्ताह बाद भी नपा का शांति वाहन शव वाहन नहीं बन सका है। संभवत: स्थानीय प्रशासन मानवता को शर्मसार होने की घटना का इंतजार कर रहा है।
जिला अस्पताल में शव वाहन के अभाव में होने वाली घटनाओं को जनप्रतिनिधि, अफसर दुखत बता रहे हैं, लेकिन इसके समाधान की दिशा में समुचित पहल चिंता का विषय बन रही है। पिछले सप्ताह कमिश्नर के जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान अस्पताल के मरीजों की मौत के बाद शव वाहन नहीं होने का मुद्दा उठा था। कमिश्नर ने इस संबंध में नगर पालिका के शांति वाहन को जिला अस्पताल में खड़े करने के बात कही। उन्होंने कहा था कि यह समस्या कलेक्टर स्तर की है। शांति वाहन को अस्पताल में खड़ा कराया जाए। इसके लिए मरीजों से कोई राशि नहीं ली जाएं। कमिश्नर के यह आदेश भी अभी तक हवा-हवा ही नजर आते हैं। इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. आरके गुप्ता कहना है कि शव को ले जाने की व्यवस्था नगर पालिका क्षेत्राधिकार की है। शव वाहन के लिए स्वास्थ्य विभाग से प्रयास किए जा रहे हैं। नपा के सीएमओ अमर सत्य गुप्ता का कहना हैकि नपा का शांति वाहन नगर के लिए उपलब्ध है। नगरपालिका को सूचना देकर शव वाहन प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन यह केवल शहरी क्षेत्रों के लिए ही उपलब्ध है।