
Sehore / Ashta Local Civil Hospital Ashta.
सीहोर/आष्टा. मरीजों को मर्ज का इलाज मुहैया कराने वाला आष्टा ब्लॉक का एकमात्र सिविल अस्पताल खुद वेंटिलेटर पर है। इसमें कम डॉक्टर, सोनोग्राफी सुविधा नहीं मिलने से मरीज चक् कर कट रहे हैं।
वहीं एंटी रेबिज, टिटनेश इंजेक्शन के अभाव ने उनकी मुश्किल बढ़ा दी है। इसकी स्थानीय लोगों ने प्रभारी मंत्री आरिफ अकिल से शिकायत की है। जिसमें अस्पताल की समस्या को दूर कर पर्याप्त इंजेक्शन मुहैया कराने मांग की गई है।
आष्टा शहर और 150 गांवों के तहत आने वाले आष्टा के सिविल अस्पताल में बनी समस्या दूर होने का नाम नहीं ले रही है। जबकि अस्पताल का कई बार अफसर और जनप्रतिनिधि निरीक्षण कर चुके हैं।
उस दौरान मरीजों ने अपनी समस्या से उनको अवगत कराया था। लापरवाही का आलम यह है कि आज तक उनकी सुनवाई नहीं हुई है। अस्पताल में क्या स्थिति है उसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि पर्याप्त डॉक्टर तक नहीं है।
जितने डॉक्टर है उनके कक्ष के बाहर आए दिन इलाज कराने वालों की भीड़ लगी रहती है। अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन नहीं होने से महिलाओं को निजी क्लीनिक जाकर सोनोग्राफी कराना पड़ती है।
नहीं मिलती मदद
अस्पताल में डॉक्टर से मारपीट और तोडफ़ोड़ के मामले सामने आने के बाद पुलिस चौकी खोली गई थी। इसमें दो पुलिसकर्मियों को तैनात किया था। इसे लापरवाही कहे या फिर और कुछ की यह चौकी कुछ दिन बाद ही ताले में कैद होकर रह गई है।
चौकी बंद होने से मरीजों को किसी तरह की मदद की जरूरत लगी तो नहीं मिल पाती है। प्रबंधन अस्पताल में चौकी को नियमित चालू करने कई बार पुलिस को पत्र लिख चुका है। वहीं पुलिस अफसरों का मानना है कि बल की कमी से नियमित चौकी खुलने में थोड़ी समस्या आ रही है।
ब्लॉक में स्वास्थ्य केंद्र के हाल बेहाल
स्वास्थ्य केंद्र से नगर पंचायत कोठरी सहित आसपास के 35 गांव जुड़े हैं। उसके बावजूद इस केंद्र में स्टाफ संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है। अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि एक डॉक्टर ही केंद्र की जिम्मेदारी संभाल रहा है।
कई बार मरीजों को डॉक्टर के समय पर नहीं मिलने से खाली लौटना पड़ता है। इसमें सीहोर या फिर आष्टा जाना पड़ता है। इससे उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी तरह से मेहतवाड़ा, मैना सहित अन्य केंद्र पर भी यही स्थिति बनी हुई है।
मेेहतवाड़ा उपस्वास्थ्य केंद्र का तो भवन ही जर्जर हो गया है। इसी जर्जर भवन में स्टाफ को मरीजों का इलाज करना पड़ता है। तेज बारिश में तो पानी की टिप टिप लगी रहती है।
प्रभारी मंत्री आरिफ अकील से शिकायत
आष्टा निवासी मो. खालिद खान ने प्रभारी मंत्री आरिफ अकील को सिविल अस्पताल में एंटी रेबिज इंजेक्शन नहीं मिलने की शिकायत की है। शिकायत में बताया कि 9 जनवरी को उसे स्वांग ने काट लिया था।
इलाज कराने अस्पताल में आया तो डॉक्टर ने इंजेक्शन लिख दिया। जब दवाई केंद्र पर इंजेक्शन लेने गया तो नहीं मिला। इस कारण मजबूरी में बाजार से इंजेक्शन लाकर लगाना पड़ा। इसलिए अस्पताल की व्यवस्था ठीक कर इंजेक्शन की व्यवस्था कराई जाएं।
उल्लेखनीय है कि पिछले कई महीने से अस्पताल में रेबिज के साथ टिटनेश इंजेक्शन नहीं है। लोगों को टिटनेश इंजेक्शन भी बाजार से ही लाना पड़ रहा है।
Published on:
13 Nov 2019 10:58 am
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