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अमृत योजना : तीन स्टेप से गंदे पानी को निकलाकर ऐसे होगा ट्रीटमेंट…

प्लांट की क्षमता 12 एमएलडी, फिलहाल पांच एमएडी पानी होगा स्वच्छ, खेती और अन्य कार्यों में होगा उपयोग

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सीहोर। शहर को जल्द ही सीवेज से जोड़ दिया जाएगा। शहर में 70 किलोमीटर से अधिक पाइप लाइन से पानी प्लांट में पहुंचाया जाना है। जहां तीन स्टेप से गंदे पानी को निकलाकर ट्रीटमेंट किया जाएगा। इसके बाद पानी उपयोग के लायक बनाया जा सकेगा। अगले डेढ़ माह में प्लांट कार्य शुरू कर देगा। सीवेज प्लांट का निर्माण लगभग अंतिम चरण में है इसके पूर्ण होते ही प्लांट अपनी 12 एमएलडी (मिलीयन ऑफ लिटर परडे) की क्षमता से कार्य करना शुरू कर देगा। फिलहाल शहर में ट्रीटमेंट प्लांट में करीब पांच एमएलडी पानी पहुंचने के बाद फिल्टर होगा।

डेढ़ साल पहले शहर में अमृत योजना के तहत सीवेज लाइन की शुरूआत की गई थी। तब से लेकर अब तक सीवेज लाइन का 90 फीसदी का काम लगभग पूर्ण हो गया है। योजना की समय अवधि जुलाई माह में पूर्ण होने वाली है। सब कुछ ठीक रहा तो शहर में 70 किलोमीटर की लाइन में सीवेज का पानी दौडऩे लगेगा। जानकारी के अनुसार वर्तमान में करीब 15 फीसदी सीवेज लाइन और ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य बचा है। वहीं शुगर फैक्ट्री पंप प्लांट का निर्माण कार्य जारी है।

शहर में बिछाई गई सीवेज लाइनों से बरसात का पानी पंपिंग कर लाइन को खाली किया जा रहा है। इसी के साथ चोक लाइनों की मरम्मत का कार्य भी जारी है। सभी काम पूर्ण होने के बाद पूरे शहर का पानी सीवेज लाइन के माध्यम से प्लांट तक लाया जाएगा। प्लांट में सीवेज का पानी आने के बाद तीन अलग-अलग स्टेपों से पानी को शुद्ध करने का काम शुरू हो जाएगा।

क्या है योजना
शहर को स्वच्छ बनाने के लिए सीवेज लाइन बिछाई जा रही है। लगभग 52 करोड़ की लागत से इस योजना की शुरूआत डेढ़ साल से चल रहा है। पूरे शहर में खुदाई कर लाइन डाली जा चुकी है। खुदाई के लिए पूरे शहर की लगभग 80 सडक़ों को खोदा गया था। इनमें से अभी कुछ ही सडक़ों का निर्माण किया गया है। अन्य सडक़ों का भी निर्माण कार्य चल रहा है।

आधुनिक मशीनों से होगी निगरानी
अंकिता कंपनी शहर में सीवेज का काम कर रही है। काम पूर्ण होने के बाद कंपनी पांच साल तक रखरखाव करेगी। इसे लेकर सीवेज चैम्बर की देखरेख और सफाई को लेकर आधुनिक मशीन के साथ कर्मचारियों को रखा जाएगा। चोक जैसी हालत में रोबोट की मदद से लाइनों को ठीक किया जाएगा।

अभी पांच एमएडी पानी होगा स्वच्छ
52 करोड़ की लागत से बनकर तैयार सीवेज के शुरू होने वाले ट्रीटमेंट प्लांट में शहर के गंदे पानी को स्वच्छ किया जाना है। कंपनी के इंजीनियरों के मुताबिक अभी शहर से पांच एमएलटी पानी ही निकल रहा है। जिसे फिल्टर प्लांट से साफ किया जाएगा। भविष्य के लिए अगले 30 साल मे योजना के तहत प्लांट को 12 एमएलटी की क्षमता के मुताबिक बनाया गया है।

तीन चरणों में होगा पानी साफ
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट झुनियाबाड़ी में बनाया जा रहा है। यहां पर सीवेज का पानी सबसे पहले वेटवेल टैंक में डाला जाएगा। जहां ठोस पदार्थों को अलग किया जा सकेगा। इसके बाद पानी को प्लांट में बने दो बड़े पीटीयू स्ट्रक्चर में छोड़ दिया जाएगा। जहां हल्के कचरे व अन्य दूषित पदार्थों को पानी से अलग किया जाएगा। बचा पानी स्लज के माध्यम से पानी से दूषित अणु और जीवाणुओं को नष्ट कर पानी स्वच्छ कर नदी में छोड़ दिया जाएगा।

प्लांट का काम अंतिम दौर में है। शहर का गंदा पानी तीन स्टैप से होकर स्वच्छ होगा। इसके बाद यह उपयोग लायक बनाया जाएगा।
- कमल पटेल, इंजीनियर अंकिता कंस्ट्रक्शन

शहर में सीवेज के साथ ही सडक़ निर्माण का काम भी पूरी तेजी से चल रहा है। करीब एक माह में सीवेज का काम पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही सडक़ निर्माण का काम भी तेजी से चल रहा है।
- अमिता जसपास अरोरा, नगर पालिका अध्यक्ष सीहोर