
नगर पालिका के सीईओ ने राजस्व अधिकारी को कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए
सीहोर. मध्यप्रदेश नगरीय प्रशासन विभाग ने मैरिज गार्डन संचालन के लिए पंजीयन की गाइड लाइन बनाई है, लेकिन सीहोर में मैरिज गार्डन संचालक इस गाइड लाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। खास बात तो यह है कि मैरिज गार्डन शहर की सकरी गलियों में गाइड लाइन का उल्लंघन करते हुए खुलेआम चल रहे हैं और नगर पालिका इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पता चला है कि मंडी क्षेत्र में संचालित दो मैरिज गार्डन से निकलने वाले कचरे ने तो सीवरेज लाइन ही चौक कर दी है, जिसकी सफाई कराने में नगर पालिका का पसीना छूअ रहा है।
जानकारी के अनुसार शहर में करीब 15 मैरिज गार्डन बने हैं। इनमें से कुछ मैरिज गार्डन तो ऐसे हैं, जो नगर पालिका को संपत्ति कर तक नहीं दे रहें। इसके अलावा दो ऐसे भी हैं, जिनका अभी तक संपत्तिकर रेकॉर्ड में पंजीकृत ही नहीं है। बताया जा रहा है कि यह सभी मैरेज गार्डन राजनीति से जुुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों के हैं, जिन पर नगर पालिका जल्द ही कार्रवाई करने वाली है। गुरुवार को नगर पालिका सीएमओ ने राजस्व अमले के साथ बैठक कर इन मैरिज गार्डन पर कार्रवाई की कार्ययोजना बनाई है। नगर पालिका सीएमओ भूपेन्द्र दीक्षित ने अमले के राजस्व अधिकारी संजय शुक्ला को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह शीघ्र अवैध रूप से संचालित मैरिज गार्डन पर कार्रवाई शुरु करें।
शहर में करीब 15 मैरिज गार्डन हैं, जिसमें से एक का भी नगर पालिका ने पंजीयन नहीं किया है। इस हिसाब से यह सभी अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। नगर पालिका के रेकॉर्ड के मुताबिक 13 मैरिज गार्डन संपत्तिकर रेकॉर्ड में दर्ज हैं, जिसमें से करीब 11 हर साल संपत्तिकर जमा कर रहे हैं। दो मैरिज गार्डन स्टेशन रोड स्थित आरके पैलेस और मंडी ब्रिज के पास स्थित भगवती पैलेस संपत्ति कर रिकॉर्ड में तो दर्ज हैं, लेकिन इनके द्वारा संपत्ति कर जमा नहीं किया जा रहा है, इनके ऊपर करीब एक लाख रुपए बकाया है। इसके अलावा दो मैरिज गार्डन वार्ड क्रमांक 25 स्थित यशराज गार्डन और रॉयल पैलेश नगर पालिका के संपत्ति कर रेकॉर्ड में भी दर्ज नहीं हैं। यह नगर पालिका को संपत्तिकर भी जमा नहीं करा रहे हैं।
मैरिज गार्डनों के सामने लगता है जाम
शहर में संचालित इन 15 मैरिज गार्डन में से आधे के पास पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। जब भी इन मैरिज गार्डन में शादी समारोह होता है, वाहन सडक़ पर पार्क होते हैं, जिससे न केवल ट्रैफिक जाम होता है, बल्कि हादसों का भी डर बना रहता है। नगर पालिका ने लंबे समय से इन मैरिज गार्डन के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। गुरुवार को करीब पांच साल बाद सीएमओ भूपेन्द्र दीक्षित ने शहर में अवैध रूप से संचालित मैरिज गार्डनों के खिलाफ राजस्व अमले को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब देखना यह है कि नगर पालिका का राजस्व अमला कितनों पर कार्रवाई करता है।
शहर में अवैध रूप से मैरिज गार्डन का संचालन कई साल से हो रहा है, लेकिन इस बार नगर पालिका के अफसर एक्शन में दिख रहे हैं। सीएमओ दीक्षित ने राजस्व अमले को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। नगर पालिका के अचानक एक्शन में आने के पीछे मुख्य कारण मंडी क्षेत्र के दो मैरिज गार्डन से सीवरेज लाइन का चौक हो जाना है। मैरिज गार्डनों से शादी समारोह के बाद निकलने वाला कचरा सीधे सीवरेज लाइन में जा रहा है, जिससे मंडी क्षेत्र की सीवरेज लाइन चौक हो रही है।
Published on:
31 Jan 2025 01:10 pm
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