सीहोर। साक्षर भारत योजना केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत देश में व्याप्त निरक्षरता, कुष्ठ एवं अभिशाप के उन्मूलन के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं शिक्षा मंत्रालय द्वारा देश की सभी ग्राम पंचायतों में साक्षरता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
योजना की सफलता के लिए प्रेरकों को संविदा के आधार पर नियुक्त किया गया है। मानदेय के रूप में प्रेरकों को मात्र दो हजार रुपए दिया जा रहा है। मानदेय कम होने के बाद भी हालात यह है कि कई पे्ररकों को 18 माह से मानदेय नहीं मिला है। प्रेरक भुखमरी की कगार पर है। यदि इसी तरह प्रेरकों का शोषण होता रहा तो प्रदेश भर के करीब 27 हजार से अधिक प्रेरक शिवराज सिंह सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे। यह बात शनिवार को शहर के बाल विहार मैदान पर संविदा प्रेरक शिक्षक संघ के तत्वाधान में आयोजित विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष देवराज नागर ने कही।
ब्लाक अध्यक्ष बलवान सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रेरकों की बदौलत ही देश में साक्षरता का दर बढ़ा है। निर्वाचन में मतदाता जागरूकता, कम्युनिकेशन, रनर की अवैतनिक सेवा, जन-धन योजना तहत खाते खुलवाना, आधार लिंक आदि कई सेवाएं भी प्रेरकों द्वारा दी जा रही है, लेकिन उनको शासन द्वारा सम्मान जनक मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। प्रेरकों को मनरेगा मजदूर से भी कम मानदेय मिल रहा है। विरोध प्रदर्शन के बाद सात सूत्रीय मांगों को लेकर प्रेरकों ने रैली निकाली। रैली कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम संयुक्त कलेक्टर नरोत्तम भार्गव को ज्ञापन दिया। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से बलवान सिंह ठाकुर, रामदयाल वर्मा, राम सेवक यादव, मोनिका राठौर, अनिता ठाकुर, कमलेश मेहरा, संतोष मालवीय, भगवत वर्मा, बृजेश सरसवाल, अरविन्द पवार, संजय पाठक, राजेन्द्र सिंह और संतोष मेहरा आदि शामिल थे।