
सीहोर। सोने जैसी चमक, एक समान दाने और अपने खास स्वाद के लिए विख्यात शरबती गेहूं के साथ अब सीहोर का लोकवन और 1544 भी मल्टीनेशनल बिस्किट कंपनियों की पसंद बन गया है। अब तक आईटीसी ही यहां से गेहूं खरीद रही थी। इस बार पारले जी, ब्रिटानिया, जनरल मील देवास मंडी से आवक का करीब 30% माल खरीद रही है। लोकवन और 1544 गेहूं की खरीदी में इन कंपनियों के रुचि लेने से इस बार भाव भी पिछले साल से 300 रुपए प्रति क्विंटल तक ज्यादा हैं। कृषि उपज मंडी सीहोर में रोज औसत 10 हजार क्विंटल गेहूं की आवक है।
सीजन में यह 20 हजार क्विंटल तक पहुंच जाती है। व्यापारी जयंत शाह ने बताया, नीलामी में करीब 100 व्यापारी हिस्सा लेते हैं, जिसमें से 70% माल स्थानीय व्यापारी तो 30% बिस्किट कंपनियां ले रही हैं। यह पहला मौका है जब मल्टीनेशनल कंपनी इतना माल उठा रही है। पहले शरबती पर ज्यादा फोकस होता था, लेकिन जब से शरबती को टीआई टैग मिला है, मल्टीनेशनल कंपनियों की तरफ से लोकवन और 1544 की डिमांड तेज हो गई है।
जिले में 20 मार्च से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी हो रही है। लेकिन इस बार खरीदी केंद्रों पर कहीं भी लाइन नहीं लगी। बताते हैं, मंडी में गेहूं का भाव तेज होने से लोग समर्थन मूल्य पर बेच रहे हैं। सीहोर कृषि उपज मंडी में गेहूं का भाव 200 से 300 रुपए तेज है। लोकवन 2500 से 3100, 1544 क्वॉलिटी 2450 से 3000 व शरबती 3300 से 3700 तक बिक रहा है।
सीहोर के गेहूं की गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत से ज्यादा डिमांड आ रही है। स्थानीय व्यापारी भी 60 से 70 फीसदी माल गुजरात और महाराष्ट्र भेज रहे हैं। ऐसा पहली बार है जब दूसरे राज्यों से शरबती के साथ लोकवन और 1544 किस्म के गेहूं की डिमांड तेज हुई है। बहारी राज्यों के लोग अब सीहोर के लोकवन और 1544 गेहूं के स्वाद की तुलना शरबती से कर रहे हैं, माना जा रहा है कि सीहोर की लोकप्रियता के चलते इसकी मांग ज्यादा हो गई है।
Updated on:
21 Apr 2024 11:35 am
Published on:
21 Apr 2024 10:48 am

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