
गुरु और धर्म की निंदा सुनने वाला भी पाप का भगीदार : गोविंद जाने
सीहोर. अगर किसी घर में गुरु, माता-पिता, धर्म और शास्त्र की कोई निंदा करें और वह चुपचाप सुनता रहे तो वह भी पाप का भागी बन जाता है। यह बात ग्राम कनाडिया में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन संत गोविंद जाने ने कही।
उन्होंने आगे कहा कि एक बार एक आदमी दोपहर को जंगल से निकल रहा था उसे बहुत प्यास लगी उसे कोई दिखाई नहीं दिया और एक बुजुर्ग ने उन्हें पानी पिलाया। कई दिनों बाद वही आदमी वहां से निकल रहा था, तभी उसे वहीं बुजुर्ग बीमार पड़ा मिला और उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। डॉक्टर ने उसे खून की कमी बताई और उनके बेटों से जमीन जायदाद बेचकर उनका इलाज कराने को कहा, लेकिन उनके ग्रुप का खून नहीं मिला।
फिर वही आदमी जिसे बुजुर्ग ने पानी पिलाया था पैसे लेकर खून देने को मना किया, लेकिन उसने कहा कि जिसे मैं खून दे रहा हूं उसे देखना चाहता हूँ। अस्पताल जाकर देखा तो वहां वही बुजुर्ग थे वह आदमी ने उनके चरण स्पर्श करके कहा कि मैं एक पैसा भी नहीं लूंगा। इस महान आत्मा ने मुझे प्रेम से पानी पिलाया था। आप भी बहू के सामने उसके मां-बाप की बुराई मत करना वह सहन नहीं कर सकती, क्योंकि बेटी एक मां है और उसमें दया और धर्म है।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में जमकर झूमे श्रद्धालु
कथा के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। जिसमें भगवान कृष्ण को पालने में झूलाया गया और माखन मिश्री का भोग भी लगाया गया। रविवार को भी भागवत कथा के दौरान हजारों की संख्या में कृष्ण भक्त उपस्थित थे। भागवत कथा के दौरान मालवा माटी के प्रसिद्ध संत गोविंद जाने ने संगीतमय मधुर भजनों तेरे संग में होला रे होली खेला रे... की प्रस्तुति दी। जिसे सुनकर वहां मौजूद श्रद्धालु खुद को रोक नहीं पाए और प्रभु की भक्ति में मगन हो झूमने लगे। जैसे-जैसे भागवत कथा का सिलसिला आगे बढ़ता वहां भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही थी।
Published on:
20 May 2019 03:07 pm
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