
सड़क किनारे जहरीला धुआं और कचरे के ढेर से फैल रहीं बीमारियां
नसरुल्लागंज. प्रदेश सरकार व प्रदूषण बोर्ड की ओर से भले ही किसानों को खेतों में नारवाई न जलाने को लेकर कठोरता दिखाई जा रही होा। लेकिन सार्वजनिक रूप से कूढ़े के ढेर जलाने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। न ही प्रतिबंध लगाया जा रहा है।
नगर पंचायत नसरुल्लागंज के नगर से तीन किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र के गांव में जाने वाले मुख्य मार्ग की सड़क किनारे ही लगाया जा रहा कचरे का ढेर यहां के किसान एवं ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों के लिए बीमारियों का सबब बन रहे हैं।
शिकायत के बावजूद भी अधिकारियों द्वार नगर पंचायत द्वारा जिस स्थान पर कचरा फेंका जाता है। वहां किसान खेती करतेे हैं एवं आसपास कई गांव लगे हैं। इस मार्ग से ग्रामीणों का आनाा-जाना होता, इस मार्ग सेे लगभग करीब 15 गांव के लोगों का आवागमन प्रतिदिन हेता है। कचरेेे के ढेर में लगी आग के उठते हुए धुएं से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से स्कूल की बसें भी निकलती है जिस दौरान स्कूल की बस इस स्थान से निकलती है उस दौरान बच्चों को मुंह पर रुमाल रखकर निकलना पड़ता है।
प्रशासन द्वारा केवल कागजी खानापूर्ति करते नजर आते है, चूंकि खेतों एवं सड़क किनारे रहवासी इलाके के पास कूढ़ा जलाने के कारण यहां से उठ रहे धुएं के से ग्रामीणोंं को सांस की बीमारी का सामना भी करना पड़ रहा। इसके बावजूद भी अफसरों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है।
शिकायत के बाद भी नहीं दे रहे ध्यान
ग्रामीणों के द्वारा इस संबंध में कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया। इसके बावजूद भी कोई नतीजा नहीं निकला। ग्रामीणों का कहना है कि कचरे में मृत मवेशी भी होते हैं। जिससे बदबू आती रहती है जिससे हमारे स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि कचरे में पड़ी पन्नी की थैलियां उड़कर हमारे खेतों में आ जाती है जिसके कारण खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। इसके बावजूद भी प्रशासन के द्वारा इस और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है
अफसर नियमों की उड़ा रहे धज्जियां
नगर पंचायत अधिकारी खुद नियमों की धज्जिया उड़ा रहे है नगर पंचायत केे द्वारा नगर से जो कचरा उठाया जाताा है उसे नगर से 3 किलोमीटर दूर रामनगर के पास मेन रोड की सड़क किनारे डाला जाताा है एवं उसमें आग लगा दी जाती है।
कूड़ा डोपिंग प्वाइंट में भारी मात्रा में पॉलीथिन होती है और पॉलीथिन में आग लगने के दौरान कार्वन डाईऑक्साइडए कार्वन मोनोऑक्साइड कई विषैली गैसे उत्सर्जित होती है। जिनसे सांसए त्वचा आदि बीमारियां होती है। जिससे इलाके में रहने वाले लोगों को सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। खुद का अपराध प्रशासन को नजर नही आता है।
टेंचिंग ग्राउंड पर गड्ढा खोदकर कचरे को उसमें डाला जाएगा। शीघ्र ही वहां की जमीन को समतल कर मशीन लगेगी। इसके बाद मशीन से खाद बनाई जाएगी। इसके लिए मशीन भी आ चकी है।
- प्रहलाद मालवीय, सीएमओ, नगर परिषद, नसरुल्लागंज
Published on:
20 Nov 2019 01:46 pm
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