
सीहोर पुलिस द्वारा दस्तयाब बालिका परिजन के सुपुर्द
सीहोर. जिले में पुलिस ने एक से 31 जनवरी 2025 तक यानि पूरे एक महीने गुम इंसान की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया है। पुलिस के इस विशेष अभियान में काफी सफलता भी मिली है। अभियान का असर यह हुआ है कि पुलिस ने हर दिन 10 गुम इंसान दस्तयाब किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या उन नाबालिग बालिकाओं की है, जो बहकावे में आकर पहले तो परिजन को छोड़ पराए के साथ चली गईं, लेकिन बाद में जब उनके साथ गलत हुआ तो फिर परिजन ने ही संभाला है।
पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने बताया कि लंबित गुम इंसानों के प्रकरणों का निराकरण करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है, जिसमें एक महीने के अंदर 322 गुम इंसान प्रकरणों का निराकरण कर बालक, बालिका, महिला और पुरुषों को दस्तयाब कर परिजन के सुपुर्द किया है। यह गुम इंसानों के प्रकरण तीन साल से पुराने थे। कई प्रकरण तो पांच साल से लंबित थे, जिनमें पुलिस को सफलता मिली है।
जिले में एक फरवरी 2025 की स्थिति में करीब 1489 गुम इंसान के प्रकरण लंबित हैं। पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर जनवरी महीने में 21.63 प्रतिशत प्रकरण का निराकरण किया है, लेकिन एक हजार से ज्यादा प्रकरण अभी भी लंबित हैं, जिनके लिए पुलिस ने अपना यह ऑपरेशन आगे भी जारी रखना पड़ेगा। पुलिस अधीक्षक दीपक शुक्ला के मुताबिक सबसे ज्यादा गुम इंसान के लंबित प्रकरण का निराकरण भैरंदा थाना क्षेत्र में किया गया है, यहां पर 43 लंबित प्रकरण में पुलिस को सफलता मिली है। इसके अलावा थाना मण्डी सीहोर द्वारा 40, आष्टा में 41, इछावर में 39, बुदनी में 37 गुम इंसानों को तलाश किया गया है।
लंबित गुम इंसान प्रकरणों के निराकरण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस के विशेष अभियान में दस्तयाब किए गए कुल 322 गुम इंसान में बालक, पुलिस की संख्या 72 और महिला, बालिका की संख्या 250 है। अभी पुलिस को जिनकी तलाश है, उनमें भी 80 फीसदी से ज्यादा बालिकाएं हैं, जिसमें बड़ी संख्या नाबालिग बच्चियों की है, पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
तीन नाबालिग इंदौर से दस्तयाब
पुलिस ने 29 जनवरी 2025 को सिद्दीकीगंज के तीन नाबालिग बच्चों को 10 घंटे में इंदौर से दस्तयाब कर मां के सुपुर्द किया। पीडि़त ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसके तीन नाबालिंग बच्चे एक 12 साल का लडक़ा, एक 10 साल की लडक़ी और एक पड़ौस की 13 साल की लडक़ी 28 जनवरी से घर नहीं आए हैं। बच्चों को कोई अज्ञात व्यक्ति ले गया है। पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाई और नाबालिक बच्चों को देवगुराडिय़ा इंदौर से दस्तयाब कर परिजन के सुपुर्द किया गय।
युवक से मुक्त कराई नाबालिग
17 दिसंबर 2024 को 13 वर्षीय नाबालिग की मां ने शाहगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि बेटी को बहला फुसलाकर एक युवक ले गया है। पुलिस ने अपराध क्रमांक 287/24 धारा 137 (2) बीएनएस दर्ज कर पतारसी शुरु की। 21 जनवरी 25 को बगवाड़ा बुदनी के पास से नाबालिग को उसके साथी प्रदीप अहिरवार के कब्जे से मुक्त कराया और परिजन के सुपुर्द किया। प्रदीप अहिरवार (24) पिता मोहन अहिरवार निवासी सरदारनगर शादी का झांसा देकर बहलाफुसलकर नागालिग को अपने साथ ले गया था।
एक नाबालिक जिला रायसेन से दस्तयाब
फरियादिया ने भैरुंदा थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नाबालिक लडक़ी 4 सितंबर 24 को सहेली के घर जाने का कहकर गई थी, काफी देर तक लौटकर नहीं आई, तलाश किए जाने पर कोई पता नहीं चला। नाबालिक को बहला फुसलाकर कोई ले गया है। पुलिस की टीम ने 10 जनवरी 25 को अपहृता को संदेही के कब्जे से सतलापुर जिला रायसेन से दस्तयाब किया गया। अपहृत ने पूछताछ में बताया कि बाल अपचारी बालक ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
Published on:
02 Feb 2025 11:48 am
बड़ी खबरें
View Allसीहोर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
