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आरटीई: 2249 सीट रह गईं खाली, 695 बच्चे आवेदन करने के बाद नहीं आए सत्यापन कराने

शिक्षा का अधिकार अधिनियम की तारीख निकलने के बाद 2249 सीट खाली

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सीहोर. आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क पढ़ाई करने जिले में हर साल लक्ष्य के मुताबिक बच्चों को प्रवेश नहीं मिल रहा है। इस बार भी आवेदन, सत्यापन की तारीख निकलने के बाद 2249 सीट खाली रह गई और अभी द्वितीय चरण की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है। अब वंचित बच्चों को सरकारी या फिर खुद के पैसे से प्राइवेट स्कूलों में दाखिला लेकर शिक्षा ग्रहण करने मजबूर होना पड़ेगा। यही नहीं पालकों पर अतिरिक्त भार आने से उनको परेशानी का अलग सामना करना पड़ेगा।

जानकारी के अनुसार नवीन शिक्षा सत्र 2022-23 में आरटीई के तहत 694 प्राइवेट स्कूलों में सात हजार बच्चे को प्रवेश देने का लक्ष्य था। प्रवेश के लिए पिछले माह 15 जून से पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन और सत्यापन की शुरुआत हुई थी। 30 जून आवेदन और एक जुलाई सत्यापन की अंतिम थी। बच्चे आवेदन, सत्यापन नहीं करा पाए तो राज्य शिक्षा केंद्र ने तारीख बढ़ाकर आवेदन की पांच जुलाई और सत्यापन की 9 जुलाई आखिरी कर दी थी। शिक्षा विभाग की मानें तो अब तक पांच हजार 446 बच्चों ने आवेदन किया, जिसमें से सत्यापन के अंतिम दिन शनिवार तक चार हजार 751 बच्चे ही दस्तावेजों का सत्यापन कराने सत्यापन केंद्र पर पहुंचे।

किस ब्लॉक में कितने आवेदन और सत्यापन

ब्लॉक आवेदन सत्यापन

आष्टा 1499 1294

बुदनी 430 380

इछावर 672 587

नस.गंज 565 485

सीहोर 2280 2005

पिछले साल आरटीई में साढ़े 6 हजार बच्चों को प्रवेश देने का लक्ष्य था। यह प्रथम, द्वितीय चरण के बाद भी पूरा नहीं हुआ और महज चार हजार पर अटक गया था। इस बार प्रथम चरण में 2249 सीट खाली रह गईं। इसमें 695 बच्चे ऐसे भी हैं जिन्होंने आवेदन तो किया, लेकिन वह जनशिक्षा केंद्र पर दस्तावेजों का सत्यापन कराने ही नहीं पहुंचे। जिसकी वजह से उनका आवेदन अपने आप ही निरस्त हो गया है। इधर शिक्षा विभाग आरटीई में सीट खाली रहने के पीछे चार मुख्य वजह बता रहा है। पहली बच्चे कम और प्राइवेट स्कूल ज्यादा होना, दूसरी वजह आरटीई में च्वाइस के हिसाब से मनपंसद स्कूल का नहीं मिलना, तीसरी स्कूल दूरी पर होना और चौथी शासन स्कूल की फीस भरता है लेकिन अन्य खर्च उठाने की क्षमता नहीं होने की वजह से बच्चों का आवेदन करने पालकों की रुचि कम होना है।

14 जुलाई को होगा स्कूल का आवंटन

आवेदन और सत्यापन करने के बाद आरटीई में चयनित हुए बच्चों को 14 जुलाई को ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से स्कूल का आवंटन होगा।जिस बच्चे को स्कूल आवंटन होगा उसे पोर्टल से आवंटन पत्र डाउनलोड कर 23 जुलाई तक प्रवेश के लिए आवंटित स्कूल में अनिवार्य रूप से पहुंचना पड़ेगा। इसमें कोई बच्चा रह गया तो भी वह लाभ नहीं ले पाएगा। शिक्षा विभाग का कहना हैकि प्रथम चरण में जो बच्चे रह गए हैं, उनके लिए जल्द ही द्वितीय चरण की शुरुआत होगी। हालांकि, द्वितीय चरण की तारीखों की अभी घोषणा नहीं हुई है।

7 हजार का लक्ष्य था

आरटीई में सीट खाली रहने की चार मुख्य वजह हैं। उसके कारण ही पालक बच्चों का आवेदन नहीं कर पाते हैं। इस बार सात हजार का लक्ष्य था, जिसमें कई बच्चों का आवेदन नहीं हुआ है। कुछ बच्चों का आवेदन हुआ तो उनमें से कई दस्तावेजों का सत्यापन कराने ही नहीं पहुंचे।

वीके शर्मा, आरटीई प्रभारी व एपीसी शिक्षा विभाग सीहोर