सेमरी। गांव में फिर मिला डेंगू मच्छर का लार्वा, तीन संदिग्ध मरीज भोपाल रेफर, 101 हुई डेंगू पीडि़तों की संख्या सीहोरनगर के सेमरी गांव में डेंगू का प्रकोप अभी कम नहीं हुआ है।
शनिवार को फिर से तीन डेंगू संदिग्ध मरीज भोपाल रेफर किए गए हैं। अब सेमरी गांव में डेंगू पीडि़त मरीजों की संख्या एक सैकड़ा से ऊपर पहुंच गई है। भोपाल के लिए रेफर दो सैकड़ा डेंगू संदिग्ध मरीज में से 101 की रिपोर्ट पॉजीटिव मिली है।
सेमरी गांव 28 मार्च से डेंगू की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम 18 दिन से गांव में डेरा डाले हुए हैं, लेकिन डेंगू का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को गांव में एक जगह फिर से डेंगू का लार्वा मिलने को लेकर ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। बुखार से पीडि़त ग्रामीणों में डेंगू के डर से होशंगाबाद और भोपाल जाने की होड़ सी लगी हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम सेमरी गांव में लगातार 18 दिन से डेंगू पर काबू पाने का प्रयास कर रही है, लेकिन सफलता नहीं मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग के तमाम प्रयास के बाद भी डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। ग्रामीण अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम का पूरा सहयोग कर रहे थे, लेकिन अब ग्रामीण सहयोग से कतराने लगे हैं। शनिवार को फिर से एक जगह लार्वा मिलने को लेकर ग्रामीणों का डर पहले की अपेक्षा कई गुना बढ़ गया है।
आयुष डॉक्टरों को दी जिम्मेदारी
सेमरी गांव में डेंगू के प्रकोप को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने भी पैर पीछे खींचना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने अब सेमरी की जिम्मेदारी आयुष के डॉक्टर और सुपरवाईजरों पर डाल दी है। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर रेहटी और बुदनी से मॉनीटरिंग करने की बात कह रहे हैं। आयुष के डॉक्टर गांव में ग्रामीणों को नीम, तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, अर्जुन छाल जैसी औषधियों का काड़ा पिला रहे हैं, जिससे डेंगू के मच्छार का शरीर में प्रभाव नहीं हो।