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एलआइसी के कर्मचारियों ने ऑफिस गेट पर की नारेबाजी

विरोध प्रदर्शन के माध्यम से कर्मचारियों ने निगम में नई भर्ती और वेतनवार्ता की मांग की

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सीहोर

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Satish More

Feb 21, 2019

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Slogan of LIC employees

सीहोर. भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के गेट पर बुधवार को कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के माध्यम से कर्मचारियों ने निगम में नई भर्ती और वेतनवार्ता की मांग की। एलआईसी प्रीमियम पर जीएसटी लगाने और नवरत्न कंपनियों के विनिवेश के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया। विरोध प्रदर्शन के दौरान एलआईसी की अधिकारी यूनियन के स्वर्ण प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि बीमा प्रीमियम पर जीएसटी वसूलना ठीक नहीं है। इससे सामाजिक सुरक्षा के दायित्व का निर्वहन होता है।

साथ ही बीमा में एफडीआई उचित नहीं है, जीवन बीमा निगम में कर्मचारियों की सख्त आवश्यकता है, लेकिन सरकार नई भर्ती को हरी झंडी नहीं दे रही है। वेतन समझौता अगस्त 2017 से लंबित है, जिसे समय पर हो जाना चाहिए था, लेकिन वित्त मंत्रालय की ओर से कोई कारगर प्रयास नहीं हुए हैं। बीमा यूनियन के राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि पूर्णत: जायज पेंशन का एक अंतिम विकल्प, पांच दिवसीय सप्ताह पीएलएलआई वेतन वार्ता, नई भर्ती, बीमा प्रीमियम पर जीएसटी हटाने जैसी मांग को सरकार लगातार अनसुना कर रही है।

सरकार की आंखें खोलने के लिए एक मार्च से हड़ताल की जाएगी। विरोध प्रदर्शन में एसपी श्रीवास्तव, संजय जैन, केके श्रीवास्ता , केसी पहाड़े, शारदा रायकवार, मोदेस्तुस तिर्की, रविकांत कुमार, गणेश प्रसाद, विजय कुमार, रामनारायण कैलासिया, प्रेम नारायण परमार, राजेंद्र सिंग्रवाल आदि शामिल हैं।

पीएचई कर्मियों को नहीं मिला वेतन
सीहोर. पीएचई के कर्मचारियों को फरवरी महीने का वेतन अभी तक नहीं मिला है। समय पर वेतन नहीं मिलने को लेकर कर्मचारी नाराज हैं और कर्मचारियों ने ईई के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
पीएचई के कार्यपालन यंत्री एसके जैन पर गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य कर्मचारी संघ पीएचई प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी कार्यभारित कर्मचारियों को जानबूझकर प्रताडि़त किया जा रहा है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अब तक वेतन नसीब नहीं हुआ है। कार्यपालन यंत्री जैन कर्मचारियों की जायज मांगों को भी पूरा नहीं कर रहे है। यादव ने कहा की वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। कई बार कार्यपालन यंत्री को अवगत कराया गया है, लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं है। इसलिए कर्मचारी नेता ने आंदोलन की चेतावनी दी है।