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कलेक्टर बंगले से निकला जहरीला सांप, देखकर हर कोई रह गया सन्न

 कलेक्टर बंगले से सोमवार को एक जहरीला सांप पकड़ा गया। जिसके बाद यह घटना हर ओर चर्चा का विषय बन गई।

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snake caught from collector banglow

सीहोर। जिले के कई घरों में सांपों का निकलना आम बात सी है, लेकिन सोमवार को जो कुछ हुआ उसे देखकर हर ओर हडकंप की स्थिति पैदा हो गई।
जी हां, सीहोर में कई बार लोगों के घरों से सांप के निकलने या खेतों के आसपास मिलने की बातें तो आम हैं, लेकिन सोमवार को कलेक्टर बंगले से एक जहरीला सांप पकड़ा गया। जिसके बाद यह घटना हर ओर चर्चा का विषय बन गई। वहीं सांप को यहां देखने वाले इसे देखकर सन्न रह गए।
जानकारी के अनुसार यह सांप सोमवार को दोपहर के समय कलेक्टर बंगले में देखा गया, जिसके बाद सर्प को नापला खेड़ी निवासी देवी सिंह नाथ और देवा नाथ ने पकड़ा और जंगल में ले जाकर छोड़ा। इन दोनों ने आज ही शहर के अन्य स्थानों से भी तीन सांप पकड़े हैं।

इधर, सिर्फ सांपों से है इनकी दोस्ती...
सांप देखते ही यूं तो अच्छे—अच्छों की घिग्घी बंध जाती है। पर सीहोर में ही एक ऐसे व्यक्ति भी हैं जो केवल सांपों से ही खेलते हैं। पेशे से वकील होने के बावजूद सांपों से इनकी दोस्ती काफी पुरानी है, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय भी है। लिहाजा आस-पास के क्षेत्र में कहीं भी सांप निकलता है, तो लोग उनके पास दौड़े चले जाते हैं। और ये भी पल भर में ये सांप पकड़कर अपने साथ ले जाते हैं।

जी हां इनका नाम है अफजल सिद्दीकी,सिद्दीकी कहते हैं कि सांप देवता के समान हैं। उनसे डरे नहीं, सिद्दीकी के घर में कोबरा, घोड़ा पछाड़, धामन, दिवड़ गोयरा आदि अक्सर नजर आ जाते हैं। इन सांपों को वे परिवार के सदस्यों की तरह रखते हैं। मोहम्मद अफजल सिद्दीकी पेशे से वकील हैं।

वह आष्टा कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे हैं, मगर यह पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन को लेकर एक अनूठा काम भी कर रहे हैं। वे विषैले सर्प पकड़ने में माहिर हैं। पलक झपकते ही यह खतरनाक से खतरनाक सांप को पकड़ कर उन्हें अपना मित्र बनाकर घर ले जाते हैं। फिर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ देते हैं।


सिद्दीकी का मानना है कि अल्लाह की बनाई दुनिया में सांप एक खूबसूरत और सीधा प्राणी है। मगर सदियों से चला आ रहा एक अघोषित डर मनुष्यों से सांपों की अकारण हत्या करवा रहा है। जिससे सांपों की कई प्रजाति धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही हैं। उनका मानना है कि पर्यावरण के तंत्र को इन जीवों की नितांत जरूरत रहती है। चूहे, मेढक खाकर पर्यावरण को बचाते हैं। वे कहते हैं कि सांप के काटने पर झाड़-फूंक से बचें और सीधे डॉक्टर के पास जाएं।