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तेजी से फैल रहा H3N2, बचने के लिए ये करें उपाय

मौसम में आ रहे लगातार बदलाव के साथ ही प्रदेश में सीजनल इन्फ्लूएंजा का नया वैरियंट तेजी से फैल रहा है, जिसके कारण लोगों को विभिन्न प्रकार की समस्याएं हो रही है, हालात यह है कि इस नए फ्लू के मरीज हर तीसरे घर में नजर आने लगे हैं.

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सीहोर. मौसम में आ रहे लगातार बदलाव के साथ ही प्रदेश में सीजनल इन्फ्लूएंजा का नया वैरियंट तेजी से फैल रहा है, जिसके कारण लोगों को विभिन्न प्रकार की समस्याएं हो रही है, हालात यह है कि इस नए फ्लू के मरीज हर तीसरे घर में नजर आने लगे हैं, ऐसे में इससे बचने के लिए हम आपको कुछ उपाय बताने जा रहे हैं, जो खुद चिकित्सकों ने बताएं हैं, ताकि आप इस वैरियंट की चपेट में आने से बच सकें।

सीजनल इन्फ्लूएंजा (एच1 एन1, एन3 एन2) के वैरियंट तेजी से फैल रहे हैं। आलम यह है कि हर तीसरे घर में एक मरीज है। स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को रोकथाम व नियंत्रण के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। पत्रिका ने इससे बचाव के लिए छह डॉक्टर्स का पैनल बनाकर बात की, जिससे सभी ने अपने-अपने सुझाव दिए कि इस खतरना वैरियंट से कैसे बचा जा सकता है।जिले में मौसमी संक्रमण की स्थिति यह है कि हर तीसरे घर में ब‘चा, महिला या कोई बुजुर्ग बीमार है। डॉक्टर्स के पास भी सामान्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी रोज एक हजार से ऊपर निकल रही हैं। जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक जिला अस्पताल में 50 फीसदी मरीज मौसमी संक्रमण के आ रहे हैं।


सरकार ने जारी की गाइड लाइन
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि भारत सरकार की तरफ से भी इसे लेकर कुछ गाइड लाइन जारी की गई है। इन्फ्लूएंजा एक मौसमी संक्रमण है, वर्तमान में मौसम की स्थिति एवं व्यवहार संबंधी कारण जैसे व्यक्तिगत स्व‘छता पर पर्याप्त ध्यान नहीं देना, सामाजिक दूरी का ध्यान नहीं रखते हुए सुरक्षा के बिना छींकना और खांसना, इनडोर सभाओं का आयोजन इन्फ्लूएंजा-ए (एच1 एन1, एन3 एन2) एडेनोवायरस से फैलने वाले संक्रमण के लिए वातावरण अनुकूल बनाते हैं।

गाइड लाइन का पालन और जांच जरूरी
डॉ. डेहरिया ने बताया कि सीजनल इन्फ्लूएंजा की शंका होने पर तत्काल जांच कराई जाए। भारत सरकार द्वारा जारी प्रोटोकॉल गाइड लाइन का पालन किया जाए। छोटे बच्चे, बूढ़े व्यक्ति एवं गंभीर बीमारी से पीडि़त व्यक्ति विशेष रूप से एडेनवायरस आदि ग्रसित व्यक्ति सतर्क रहें। आमतौर पर इसके लक्षण में बुखार, खांसी एवं तीव्र श्वसन के साथ संक्रमण प्रकट होता है। कुछ मामलों में मोटापे से ग्रसित लोग, गर्भवती महिलाएं, इन बीमारियों के अधिक गंभीर रूप से पीडि़त हो सकती है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होती है। खांसते एवं छींकते समय अपने मुंह और नाक को एक टीषू पेपर, कोहनी से ढकना, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचना, भीडभाड़ वाले क्षेत्र में मास्क का उपयोग करना एवं बार-बार हाथ धोना आवश्यक है।


बार-बार हाथ धोएं
यह एक मौसमी संक्रमण है, हर साल जब मौसम बदलता है, इसका असर दिखाई देता है, लेकिन इस बार यह तेजी से फैल रहा है। समय पर उपचार नहीं कराया जाए तो यह गंभीर हो सकता है। इससे बचने के लिए मास्क लगाए और हाथ बार-बार साफ करें। कोरोना गाइड लाइन का पालन कर बचा जा सकता है।
-डॉ. आर.के वर्मा, एमडी (मेडिसिन) फिजीशियन


खान पान पर ध्यान
इस मौसम में सबसे ज्यादा बच्चे बीमार हो रहे हैं। बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए खानपान पर ध्यान दें। आइसक्रीम, कॉलड्रिक्स और बाहरी खाद्य सामग्री का उपयोग नहीं करें। जहां तक हो बच्चों को गुनगुना पानी पिलाएं और बुखार आने पर, उल्टी, पेट दर्द होने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।
-डॉ. गौरव ताम्रकार, नवजात व शिशु रोग विशेषज्ञ


मास्क का उपयोग जरूरी
ऐसी बीमारियां एक से दूसरे व्यक्ति पर ट्रांसफर होती हैं। हमें कोशिश करना चाहिए कि हम किसी भी बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। यदि परिवार में कोई बीमार है तो उसे मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया जाए, इससे संक्रमण दूसरे व्यक्ति को अपनी चपेट में नहीं ले। जब भी घर से निकलें, मास्क लगाकर निकलें।
-डॉ. फैसल अंसारी, एमबीबीएस एमएस, जनरल सर्जरी


गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ध्यान
गर्भवती महिलाओं पर ऐसे संक्रमण का असर जल्दी होता है। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। यदि कोई दिक्कत होती है तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। गर्भवती महिलाओं को ऐसे किसी संक्रमण से दूसरी दिक्कतें भी हो जाती है, इसलिए जब भी कोई दिक्कत हो समय पर उपचार कराएं।
-डॉ. पुष्पा, स्त्री रोग विशेषज्ञ


हर साल फैलता है, इस बार ज्यादा
सामान्य दिनों की अपेक्षा जिला अस्पताल की ओपीडी में ज्यादा मरीज आ रहे हैं। यह संक्रमण तेजी से फैलता है, लेकिन इससे डरने की जरुरत नहीं है। इसके सामान्य लक्षण बुखार, खांस, जुकाम, पेट दर्द ही है तो डॉक्टर को दिखाएं, जिला अस्पताल में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
-डॉ. प्रवीर गुप्ता, सिविल सर्जन सीहोर


सावधानी ही सबसे बड़ा इलाज
कोई भी बीमारी हो, उससे बचने सावधानी सबसे बड़ा इलाज है। जब भी मौसम बदलता है, संक्रमण फैलते हैं। किसी को बुखार, जुखाम, खांसी की शिकायत है तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। यदि जरुरी है तो सरकार की तरफ से जांच की सुविधा है, जांच कराएं। उपचार समय पर मिल जाए तो कोई दिक्कत नहीं है।
-डॉ. आनंद शर्मा, पूर्व सिविल सर्जन

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