
सीहोर। मध्यप्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का कहर जारी है। इस बीच सीहोर जिले के सेमलपानी गांव में मंगलवार को अचानक बाढ़ आ जाने से 20 मजदूर फंस गए हैं। उन्हें निकालने का प्रयास किया जा रहा है। इसकी खबर लगते हैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि रेस्क्यू टीम को रवाना कर दिया गया है। वहीं कमलनाथ ने सभी मजदूरों को सकुशल बाहर निकल जाने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
सीहोर जिले के सेमलपानी गांव से बहने वाली सीप नदी में अचानक जल स्तर बढ़ गया। इस दौरान सालारोड गांव में स्टाप डेम का काम कर रहे करीब 20 मजदूर बाढ़ के पानी में घिर गए। जैसे-तैसे नदी के दूसरी ओर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
मजदूरों का रेस्क्यू जारी
इधर खबर लगते हैं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) ने ट्वीट कर कहा है कि नसरुल्लागंज के ग्राम साला-रोड पर स्थित पुलिया पर अत्यधिक पानी होने के कारण कुछ मजदूरों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई है। एसडीआरएफ प्लाटून कमांडर अशोक पाटीदार के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम को आवश्यक राहत और बचाव उपकरणों के साथ रवाना कर दिया गया है।
कमलनाथ ने की ईश्वर से प्रार्थना
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ट्वीट कर सीहोर जिले के नसरुल्लागंज में पुलिया पर अत्यधिक पानी भरने से कई मजदूर फंसे होने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि बचाव दल को शीघ्र सफलता मिले और सभी मजदूर भाई सकुशल बाहर आ जाएं।
नर्मदा-ताप्ती, बेतवा भी उफान पर
इधर, पिछले दो दिनों से जारी बारिश के चलते प्रदेश की प्रमुख नदियां भी उफान पर आ गई है। इसमें बेतवा ने विदिशा में अपना रौद्र रूप दिखाया है, वहीं नर्मदा और ताप्ती का जल स्तर भी लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने इन नदियों के किनारे रहने वालों को अलर्ट रहने को कहा है।
Updated on:
12 Jul 2022 02:35 pm
Published on:
12 Jul 2022 02:32 pm
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