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EFFECT OF INFLATION : टमाटर लाल और गोभी का भी खिला फूल

बीते दो सप्ताह में हरी सब्जी के भाव दो गुने, प्याज के भाव में भी काफी हद तक सुधार

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EFFECT OF INFLATION : टमाटर लाल और गोभी का भी खिला फूल

EFFECT OF INFLATION : टमाटर लाल और गोभी का भी खिला फूल

सीहोर. बीते दो सप्ताह में टमाटर लाल हो गया है और करेला की करवाहट बढ़ती जा रही है। लौकी और कद्दू भी महंगाई की दौड़ में पीछे नहीं हैं। लॉकडाउन के बाद से हरी सब्जी के दाम निरंतर बढ़ते जा रहे हैं। पांच रुपए प्रति किलो बिकने वाला टमाटर इस समय खेरीज में 40 रुपए प्रतिकिलो बिक रहा है।

प्याज के भाव में भी काफी सुधार हुआ है। पहले प्याज 2 से 6 रुपए किलो तक बिक रही है, अब अच्छी प्याज 10 रुपए किलो में मिल रही है। हरी मिर्ची, गिलकी के भाव भी बढ़े हैं। सबसे ज्यादा महंगाई की मार गोभी पर पड़ी है। फूल गोभी और पत्ता गोभी 60 रुपए किलो बिक रही है। सीहोर जिले में उद्यानिकीय फसल का रकबा करीब 48 हजार 831 हेक्टेयर है। जिले के करीब 15 हजार किसान सब्जी की खेती करते हैं। सीहोर से सब्जी रोज इंदौर और भोपाल जाती है। लॉकडाउन में सीहोर जिले से सब्जी इंदौर और भोपाल नहीं जा पा रही थी, जिसे लेकर भाव जमीन पर आ गए। टमाटर 5 रुपए किलो बिका। एक कैरेट टमाटर को खेत से मंडी पहुंचाने में किसानों का 35 से 45 रुपए खर्च हो रहा था और मिल 50-50 रुपए रहे थे। किसान की मेहतन और भाड़ा भी नहीं निकलने को लेकर केई किसान से टमाटर, बैंगन खेत में सडऩे के लिए छोड़ दिए, लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद अब सब्जी के भाव फिर से तेज होने लगे हैं। टमाटर और गोभी के भाव तो कई गुना तक बढ़े हैं। हरी धनिया तो मंडी से पूरी तरह गायब है, यदि किसी दुकान पर थोड़ा, बहुत है भी तो 100 से 120 रुपए प्रतिकिलो में बेच रहे हैं।

एक नजर में सब्जी के भाव
सब्जी पहले अब
टमाटर 5-10 40-50
गिलकी 0-10 15-20
बैंगन 0-05 10-15
लौकी 0-05 15-20
भिंडी 0-10 15-20
कद्दू 0-10 20-25
गोभी 5-10 50-60
करेला 5-10 20-25
प्याज 5-07 10-12
(नोट : सब्जी के भाव दुकानदार के मुताबिक प्रतिकिलो में)

कौन क्या कहता है...
- पहले सब्जी बाहर नहीं जा रही थी और बाहर से आ भी नहीं रही थी। अब सब्जी की आवाजाही शुरू हो गई है, इसलिए भाव बढ़ रहे हैं। बारिश के सीजन में यह भाव और भी बढऩे की उम्मीद है। बारिश में सब्जी का उत्पादन कम हो जाता है।
सुभाष कुशवाह, सब्जी विक्रता

- लॉकडाउन के कारण आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है और सब्जी के भाव बढऩे लगे हैं। सब्जी के भाव बढऩे से लोकल के किसान को कोई फायदा नहीं होना है, लोकल के किसान की सब्जी तो खेत में ही खराब हो गई। अब तो ज्यादातर बाहर से आ रही है।
मांगीलाल मालवीय, ग्राहक

- बारिश का सीजन शुरू होते ही हर साल सब्जी के भाव बढ़ जाते है। दो सप्ताह पहले टमाटर 5 से 10 रुपए प्रतिकिलो बिक रहा था और अब 40 रुपए हो गया। सब्जी के भाव बढऩे ने गृहणियों का बजट बिगड़ेगा। बाजार में हर सब्जी दो से तीन गुना महंगी हो गई है।
संजय रावल, ग्राहक