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सीहोर में डिस्पोजेबल गिलास का उपयोग: कैटर पर पांच हजार रुपए का जुर्माना; शहर में संचालित 15 मैरिज गार्डन, आधे के पास पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं

सीहोर. शहर में संचालित मैरिज गार्डन की जांच के दौरान एक मैरिज गार्डन में कैटर की तरफ से डिस्पोजेबल गिलास का उपयोग होते पाए जाने पर नगर पालिका ने पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा एक मैरिज गार्डन को कचरे का ठीक से निपटान नहीं करने पर हिदायत के साथ दो दिन […]

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नगर पालिका की टीम कैटर पर कार्रवाई करते हुए

सीहोर. शहर में संचालित मैरिज गार्डन की जांच के दौरान एक मैरिज गार्डन में कैटर की तरफ से डिस्पोजेबल गिलास का उपयोग होते पाए जाने पर नगर पालिका ने पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा एक मैरिज गार्डन को कचरे का ठीक से निपटान नहीं करने पर हिदायत के साथ दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। मैरिज गार्डन से निकलने वाला कचरा नगर पालिका के लिए सिरदर्द बन गया है, बताया जा रहा है कि इससे शहर की सीवरेज लाइन चौक हो रही है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार को नगर पालिका की टीम मैरिज गार्डन की जांच करने भोपाल नाका मुरदी रोड स्थित राजाभोज गार्डन में पहुंची, यहां पर मैरिज गार्डन ने निकलने वाली गंदगी कचरे के साथ ही सीवरेज लाइन में जा रही थी, जिसे लेकर नगर पालिका की टीम ने दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए जल निकासी के स्थान पर लोहे की मजबूत जाली लगाने के निर्देश दिए, जिससे पानी के साथ कचरा सीवरेज लाइन में नहीं जाए। इसके बाद नगर पालिका की टीम लुनिया चौराहा स्थित रॉयल पैलेस पहुंची, यहां पर जांच के दौरान सामने आया कि कैटर कमलेश कुमार पुत्र बाबू लाल निवासी कुशवाह का बगीचा प्रतिबंधित डिस्पोजेबल गिलास का उपयोग कर रहा है, नगर पालिका की टीम ने कैटर पर 5000 रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही यशराज गार्डन का निरीक्षण किया गया।

सडक़ पर खड़े होते हैं वाहन

मध्यप्रदेश नगरीय प्रशासन विभाग ने मैरिज गार्डन संचालन के लिए पंजीयन की गाइड लाइन बनाई है, लेकिन सीहोर में मैरिज गार्डन संचालक इसका पालन नहीं कर रहे हैं। शहर में करीब 15 मैरिज गार्डन बने हैं। इनमें से कुछ मैरिज गार्डन तो ऐसे हैं, जो नगर पालिका को संपत्ति कर तक नहीं दे रहें। शहर में संचालित इन 15 मैरिज गार्डन में से आधे के पास तो पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं है। जब भी इन मैरिज गार्डन में शादी समारोह होता है, वाहन सडक़ पर पार्क होते हैं, जिससे न केवल ट्रैफिक जाम होता है, बल्कि हादसों का भी डर बना रहता है। नगर पालिका ने लंबे समय से इन मैरिज गार्डन के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।

नपा करती सिर्फ औपचारिकता

शहर में संचालित एक भी मैरिज गार्डन का नगर पालिका में रजिस्ट्रेशन नहीं है, यह सभी अवैध रूप से संचालन हो रहे हैं। पिछले महीने तो मंडी क्षेत्र के दो मैरिज गार्डन से सीवरेज लाइन का चौक कर दिया, जिसके बाद नगर पालिका ने मुहिम चलाकर कार्रवाई करने की बात कही, लेकिन अभी तक तो सिर्फ औपचारिकता ही पूरी की गई है। नगर पालिका अवैध रूप से संचालित इन मैरिज गार्डन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

मैरिज गार्डन संचालन के लिए नियम

  • मैरिज गार्डन के क्षेत्रफल का 25 प्रतिशत पार्किंग के लिए आरक्षित करना होगा।
  • यदि कोई मैरिज गार्डन बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित होता है तो उसे अवैध घोषित कर तोड़ा जाएगा।
  • मैरिज गार्डन का रजिस्ट्रेशन शुल्क क्षेत्रफल के अनुसार निर्धारित किया जाएगा।
  • मैरिज गार्डन में साफ सफाई, वाहन एवं नागरिकों की सुरक्षा एवं अग्निशमन के उपकरण रखने होंगे।
  • 10 से 12 हजार रुपए रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करना होगा। इसके अलावा हर साल एक निर्धारित शुल्क नगर पालिका को टैक्स के रूप में देनी होती है।्र- हर तीन साल में रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कराना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना का प्रावधान है।
  • किसी भी अस्पताल, स्कूल और कॉलेज से मैरिज गार्डन की दूरी कम से कम 100 मीटर होना चाहिए।
  • मैरिज गार्डन में रात 10 से सुबह 8 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं होगा।