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आष्टा पहुंचा रामपुरा डैम से छोड़ा पानी: 14 दिन में 35 किमी सफर तय, लोगों को काफी हद तक राहत महसूस

रामपुरा डैम से 4 फरवरी को पार्वती नदी में छोड़े गए पानी ने करीब 35 किमी का सफर तय कर 14 दिन बाद मंगलवार को आष्टा में दस्तक दे दी है। शंकर मंदिर तट स्थित इंटेकवेल के पास पानी पहुंचते ही नगर पालिका ने शहर में तीन दिन से बंद पड़ी सप्लाई को वापस चालू […]

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रामपुरा डैम से 4 फरवरी को पार्वती नदी में छोड़े गए पानी ने करीब 35 किमी का सफर तय कर 14 दिन बाद मंगलवार को आष्टा में दस्तक दे दी है। शंकर मंदिर तट स्थित इंटेकवेल के पास पानी पहुंचते ही नगर पालिका ने शहर में तीन दिन से बंद पड़ी सप्लाई को वापस चालू कर दिया है। नल में जल मिलते ही लोगों ने काफी हद तक राहत महसूस की है।

तीन लाख रुपए का चैक देने के बाद सिंचाई विभाग ने रामपुरा डैम में आष्टा के लिए रिजर्व 4.45 एमसीएम (मिलियन क्यूबीक मीटर) में से 2.25 एमसीएम नदी में पानी छोड़ा है। इस पानी के आते ही एक बार फिर से शहर की जीवनदायनी पार्वती नदी कुछ ही दिन में लबालब हो जाएगी। इससे आगामी दिनों में लोगों को पानी संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

किया गया है गहरीकरण

नपा ने डैम का पानी शंकर मंदिर बैराज के पास ज्यादा मात्रा में एकत्रित हो उसे देखते हुए पिछले दिनों गहरीकरण भी कराया है। इसके लिए बकायदा जेसीबी लगाई गई थी। जेसीबी से खुदाई कर मटेरियल को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर बाहर भेजा था। वही बैराज की शटर को भी दुरस्त कर दिया है। जिससे कि व्यर्थ पानी नहीं बहे।

पानी चोरी रोकना बड़ी चुनौती

पार्वती नदी के पानी पर आसपास के किसानों की नजर बनी रहती है। नगर पालिका ने पिछले दिनों ही कार्रवाई कर 25 से अधिक मोटर को जब्त किया था। यह वह मोटर थी जिनको किसान नदी में रख पानी चोरी कर फसल में सिंचाई कर रहे थे। हालांकि नपा के सामने नदी में रामपुरा डैम से आए पानी को अब भी चोरी होने से बचाना एक बड़ी चुनौती है। सर्चिंग टीम ने गंभीरता नहीं दिखाई तो दोबारा डैम से पानी छुड़ाने की नौबत आ सकती है। अफसर जरूर कह रहे हैं कि टीम को निर्देशित कर दिया है।