
कुएं और बावड़ी
सीहोर. जो कुएं, बावड़ी शहर की जनता की कुछ समय पहले तक प्यास बुझाते थे वहीं अब उनके लिए हादसे का कारण बने हुए हैं। इनके आसपास मुंडेर नहीं होने के कारण आवाजाही करने वाले लोगों के साथ अलग हमेशा हादसे की संभावना बनी रहती है।
कुछ समय पहले तक शहर के नागरिकों की प्यास बुझाने में काम आने वाले कुएं और बावड़ी इस समय स्वयं अपनी दुहाई का दुखड़ा बता रहे हैं। इन कुएं और बावड़ी की देखरेख नहीं होने से यह कचरा डालने का साधन बन गए है। दूसरी बड़ी बात यह है कि इनके आसपास जाना खतरनाक साबित हो रहा है। यह इसलिए कि सुरक्षा के लिहाज से कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। जिला मुख्यलाय पर यह स्थिति है तो दूसरी जगह पर क्या होगा इसका आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि यह स्थिति लंबें समय से बनी हुई है। जिसकी तरफ ध्यान नहीं देना सीधे लापरवाही भी दर्शाता है।
यहां है सबसे ज्यादा हालात खराब
कृषि उपज मंडी क्षेत्र में रेस्ट हाउस के पास लंबें समय से देखरेख के अभाव में कुआ अनदेखी की भेंट चढ़ गया है। इस कुएं के आसपास सुरक्षा की दृष्टि से न तो तार फेंसिंग है और न ही बाऊंड्रीवाल। ऐसे में हमेशा लोगों की जान जोखिम में बनी रहती है। इसी तरह की स्थिति नेहरू कॉलोनी, शुगर फैक्ट्री चौराहा सहित अन्य जगह पर देखी जा सकती है। लोगों ने बताया कि अफसर, जनप्रतिनिधियों ने भी इनको अनदेखा कर दिया है।
Published on:
30 Mar 2020 12:29 pm
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