
जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 15 मार्च से होगी। पहले यह एक मार्च से खरीदी शुरु होनी थी, लेकिन गेहूं की आवक कम होने को लेकर ऐन वक्त पर इसे रोक दिया गया। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए 61 हजार 856 किसानों ने पंजीयन कराया है, यह सिलसिला अभी 31 मार्च तक चलेगा। समर्थन मूल्य खरीदी में उपार्जन नीति अनुसार इस बार उपार्जन केन्द्र पर प्रत्येक बारदाने में निर्धारित मात्रा गेहूं 50 किलो प्लस नवीन जूट बारदाना वजन 580 ग्राम अनुसार गेहूं की तौल की जाए। लिहाजा जब कांटे पर किसान के गेहूं से भरी बोरी रखी जाएगी तो उसका वजन 50 किलो 580 ग्राम होना चाहिए।
बुधवार को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने पूर्व निर्धारित पांच समर्थन मूल्य उपार्जन केन्द्र के अतिरिक्त 42 सेंटर और तय कर दिए हैं। समर्थन मूल्य की खरीदी के लिए अब कुल 47 उपार्जन केन्द्र तैयार हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग उपार्जन केन्द्र की संख्या में धीरे-धीरे इजाफा कर रहा है। यह संख्या 240 तक पहुंचेगी। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन 15 मार्च से 5 माई तक किया जाना है। कलेक्टर बालागुरू के. ने जिले की भौगोलिक स्थिति एवं किसानों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए पूर्व में जारी गोदामों के अतिरिक्त 42 उपार्जन स्थलों पर तहसीलवार आष्टा, जावर, इछावर एवं सीहोर सेवा सहकारी, विपणन समिति को गेहूं उपार्जन के कार्य के लिए नियुक्त किया है। कलेक्टर बालागुरू के. ने बताया कि गेहूं उपार्जन कार्य सप्ताह में 5 दिवस (सोमवार से शुक्रवार)सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक निर्धारित किया गया है। हालांकि, तौल पर्ची शाम 6 बजे तक ही रहेगा। उन्होंने बताया कि सरकार इस बार गेहूं का भुगतान 2600 रुपए प्रति क्विंटल के मान से करेगी। गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 एवं बोनस 175 रुपए बोनस निर्धारित किया गया है।
बीते 10 दिन से गेहूं कटाई का काम तेजी से चल रहा है। 90 से 95 फीसदी क्षेत्र में गेहूं की फसल पककर कटाई के लिए तैयार है। 20 मार्च तक किसान गेहूं कटाई के कार्य से निपट जाएंगे। इसके बाद जैसे-जैसे समय मिलेगा, समर्थन मूल्य केन्द्र और कृषि उपज मंडियों में गेहूं की आवक तेज हो जाएगी। अभी सीहोर और आष्टा कृषि उपज मंडी में गेहूं की आवक कम हो रही है। जिले में गेहूं की बोवनी तीन लाख 40 हजार हेक्टेयर के करीब हुई थी, जिसमें से अभी तक करीब 40 फीसदी गेहूं कटाई का कार्य पूर्ण हो गया है।
पंजीकृत किसान गेहूं विक्रय के लिए अच्छी औसत गुणवत्ता एफएक्यू का गेहूं ही उपार्जन केन्द्रों पर लेकर आएं। किसान अपनी सुविधा अनुसार स्लॉट बुकिंग कर, बुकिंग तिथि से 7 दिवस के भीतर फसल विकय कर ऑनलाइन बिल बनवाएं। बिल की तारीख निकलने के बाद पोर्टल पर बिल नहीं बनेगा, जिन किसानों के ऑनलाइन स्लॉट बुक होंगे, उन्ही किसानों से फसल की खरीदी की जाएगी।किसान द्वारा बेंची गई फसल का भुगतान किसान के आधार से लिंक बैंक खाते में किया जायेगा इसलिए किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता एवं मोबाईल नंबर को लिंक कराकर अपडेट रखने हेतु किसानों को अवगत करावें। उपार्जन समिति द्वारा प्रत्येक बोरे के टैग, स्टेंसिल अनिवार्य रूप से लगाया जाए, जिसमें उपार्जन केन्द्र का कोड एवं किसान कोड अंकित किया जाए।
Published on:
06 Mar 2025 11:40 am
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