31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

World Meteorological Day: ‘एशिया’ को मौसम बताएगा अपना सीहोर, 25 मौसम वैज्ञानिक हर समय करेंगे रिसर्च

- शीलखेड़ा में 100 एकड़ जमीन पर बना है एटमॉस्फेयरिक रिसर्च सेंटर....

2 min read
Google source verification
gettyimages-577362446-170667a.jpg

World Meteorological Day

सीहोर। सीहोर एशिया को मौसम का मिजाज बताएगा। जिले की श्यामपुर तहसील के शीलखेड़ा में 100 एकड़ जमीन पर एशिया का सबसे बड़ा एटमॉस्फेयरिक रिसर्च सेंटर बनकर तैयार हो गया है। इस सेंटर को बनाने में 50 करोड़ खर्च हो चुके हैं। जैसे-जैसे उपकरण आएंगे, राशि बढ़ेगी।

25 मौसम वैज्ञानिक करेंगे रिसर्च

रिसर्च सेंटर जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने में मददगार होगा। यहां 25 मौसम वैज्ञानिक हर समय रिसर्च करेंगे। इस सेंटर से करीब 300 किमी दूर के मौसमी सिस्टम का आसानी से पता लगाया जा सकेगा। मौसमी सिस्टम किस रास्ते आएगा, बादल कहां से कैसे आएंगे, कहां ओले गिरेंगे और कहां कितना पानी बरसेगा, यह सब इस वैज्ञानिक पहले ही पता कर लेंगे। एटमॉस्फेयरिक रिसर्च सेंटर में रिसर्च के लिए 72 मीटर ऊंचा टावर बनाया गया है, यहां लगे रडार से रिपोर्टिंग शुरू हो गई है। यहां पर फिनलैंड से लाकर अत्याधुनिक तकनीक सी बेड ड्वैल पोलर मैट्रिक रडार और केयू बैंड रडार लगाए गए हैं। इसका मुख्यालय इंडियन इंस्टीट्यूट आफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी पुणे में है।

एटमॉस्फेयरिक रिसर्च सेंटर में पुणे, बेंगलुरु, कोलकाता के अलावा देशभर के मौसम वैज्ञानिक काम करेंगे। 12 से ज्यादा वैज्ञानिक यहां पर सेवाएं देने आ चुके हैं। बताते हैं, इस क्षेत्र में ऊपरी हवा के चक्रवात से लेकर लो प्रेशर एरिया और उसकी ट्रफ लाइन निकलती हैं। बारिश में बिजली भी सबसे ज्यादा इसी एरिया में गिरती है, इसलिए यहां रिसर्च में वैज्ञानिकों को सहूलियत होगी।

फसल बचा सकेंगे किसान

इस सेंटर से किसानों को मौसम का हाल पहले ही पता चल जाएगा। बेमौसम बारिश-ओलावृष्टि की किसानों को पहले जानकारी मिलेगी तो वे फसल की सुरक्षा कर सकेंगे।

आज फिर बदलेगा मौसम, राहत नहीं

कुछ दिनों से प्रदेश भर में मौसम बदला हुआ है। लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ से बादल-बारिश की स्थिति बन रही है। अब गुरुवार से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। 24 से 26 तक फिर प्रदेश के उत्तरी, पूर्वी हिस्से में बारिश, ओलावृष्टि जैसी स्थिति बन सकती है। तेज गर्मी अप्रेल से शुरू होगी। बुधवार को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। मंडला, पचमढ़ी, सिवनी, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा में हल्की बारिश हुई। सिवनी के 3 ब्लॉक में ओले गिरे। मौसम विज्ञानी डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, गुरुवार को उत्तर पूर्वी हिस्से में तेज हवा, बारिश, ओले गिर सकते हैं। बाकी स्थानों पर हल्की बौछार पड़ सकती हैं।

Story Loader