
सिवनी. कान्हीवाड़ा गेहूं उपार्जन केन्द्र में अव्यवस्था से जिले के किसान परेशान हो रहे हैं। कान्हीवाड़ा क्षेत्र में सोमवार को किसानों का गेहूं नियम के अनुसार न होने की बात कहते हुए रिजेक्ट कर दिया गया। इस फैसले के विरोध में आक्रोशित किसानों ने सिवनी-मंडला मार्ग पर चक्का जाम कर दिया, जिससे घंटों आवागमन बाधित रहा। किसानों का कहना था कि प्रबंधन द्वारा मनमानी की जा रही है। अनावश्यक रूप से उन्हें परेशान किया जा रहा है। गेहूं की क्वालिटी खराब नहीं है। मौसम की वजह से चमक कम हुई है। इसके बावजूद भी गेहूं नहीं ली जा रही है। दरअसल सेवा सहकारी समिति छुई और कान्हीवाड़ा द्वारा खरीदे गए 49 किसानों के गेहूं को वेयरहाउस प्रबंधन ने चमक विहीन बताते हुए उसे लेने से इंकार कर दिया था। किसान 11 ट्रक में गेहूं लेकर पहुंचे थे। जिसे समिति ने वापस भेजने का आदेश दे दिया। किसानों का कहना था कि मौसम की मार के कारण गेहूं की चमक पर असर पड़ा है, जिसमें उनका कोई दोष नहीं है।
भीषण धूप में भी त्रस्त किसान धरने पर बैठे
प्रशासन और वेयरहाउस प्रबंधन के रवैये से नाराज होकर सैकड़ों किसान सोमवार दोपहर 3 बजे तेज धूप में कान्हीवाड़ा बस स्टैंड पहुंच गए और सवनी-मंडला मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। इससे सडक़ के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। किसानों का कहना था कि जब तक खरीदी की गारंटी नहीं मिलती, वे सडक़ से नहीं हटेंगे। सूचना मिलने के बाद पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि किसान ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। लंबी चर्चा के बाद अधिकारियों ने किसानों को लिखित आश्वासन दिया कि उनके गेहूं की खरीदी सुनिश्चित की जाएगी। जिसके बाद शाम करीब 6 बजे किसानों ने प्रदर्शन समाप्त किया।
स्थिति का जायजा लिया
ग्राम पंचायत कान्हीवाड़ा में लंबे समय से चल रहे पेयजल संकट को दूर करने के लिए पीएचई विभाग ने कार्रवाई शुरु कर दी है। बता दें कि समस्या को लेकर ग्रामीण बार-बार संबंधित अधिकारियों को अवगत करा रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। ‘पत्रिका’ ने जल समस्या के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी सोमवार को कान्हीवाड़ा पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने नए बोरवेल के लिए स्थान का निरीक्षण किया और जल्द ही बोरिंग मशीन भेजकर कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी शिकायतों पर ध्यान दिया जाता, तो उन्हें इस तरह की कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता। ग्राम पंचायत कान्हीवाड़ा में लंबे समय से चल रहे पेयजल संकट को दूर करने के लिए पीएचई विभाग ने कार्रवाई शुरु कर दी है। बता दें कि समस्या को लेकर ग्रामीण बार-बार संबंधित अधिकारियों को अवगत करा रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। ‘पत्रिका’ ने जल समस्या के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी सोमवार को कान्हीवाड़ा पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने नए बोरवेल के लिए स्थान का निरीक्षण किया और जल्द ही बोरिंग मशीन भेजकर कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी शिकायतों पर ध्यान दिया जाता, तो उन्हें इस तरह की कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता।
Published on:
28 Apr 2026 10:05 am
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