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Tribal youth : आदिवासी युवक से बर्बरता करने वाले फरार आरोपियों को नहीं पकड़ पा रही पुलिस

- सर्व आदिवासी समाज आज बरघाट में करेगा दोपहर १२ से चार बजे तक प्रदर्शन- पुलिस अधीक्षक बोले सुरक्षा के रहेंगे पर्याप्त इंतजाम

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Tribal youth : आदिवासी युवक से बर्बरता करने वाले फरार आरोपियों को नहीं पकड़ पा रही पुलिस

Tribal youth : आदिवासी युवक से बर्बरता करने वाले फरार आरोपियों को नहीं पकड़ पा रही पुलिस

सिवनी. आदिवासी युवक को बंधक बनाकर पिटाई करने और पेंचिस से चमड़ी उखाडऩे की घटना को अंजाम देकर मानवता को शर्मसार करने वाले आरोपियों को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। आरोपियों ने मारपीट की घटना की वीडियो बनाई थी। उक्त वीडियो सोमवार को वायरल हुई तो जिले का आदिवासी समाज आक्रोशित हो गया। इसको लेकर सर्व आदिवासी समाज गुरुवार को बरघाट बंद कराकर प्रदर्शन करेगा। सर्व आदिवासी समाज के वंशबहादुर धुर्वे ने एसडीएम महेश अग्रवाल को आवेदन देकर प्रदर्शन की जानकारी दी है। इसकी पुष्टि एसडीएम ने की है। पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह ने ‘पत्रिका’ को बताया कि आदिवासी समाज के प्रदर्शन को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।

गौरतलब है कि 29 दिसंबर को पीडि़त आदिवासी युवक को आरोपियों ने उसके घर से अगवा किया। अपने घर पर बंधकर बनाकर पिटाई की। देर रात थाना प्रभारी बरघाट के नाम पर उसकी पत्नी और सास को उनके घर से अगवा कर अपने घर में बंधक बनाया। उनके सामने पेंचिस से उसके शरीर की चमड़ी उखाड़ी। 1.12 लाख रुपए चोरी का आरोप लगाकर पीडि़त परिवार की 14 एकड़ जमीन की नोटरी कराई और 30 दिसंबर को उनको छोड़ दिया। चार जनवरी को पीडि़त युवक के ससुर को अटैक आया। उनका उपचार सिवनी के एक निजी अस्पताल में कराया गया। कुछ दिन चले उपचार के बाद वे ठीक हो गए। 10 फरवरी को पीडि़त युवक परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत किया।


पुलिस अधीक्षक ने अजाक्स थाना प्रभारी अवंती मर्सकोले को कार्रवाई का निर्देश दिए। 16 को थाना प्रभारी ने प्रकरण दर्ज किया। 19 को विवेचना के दौरान एक अन्य आरोपी का नाम बढ़ाकर उसे गिरफ्तार किया गया। मामले में दो धारा और बढ़ाई गई। पुलिस पर कमजोर धारा में कार्रवाई और सत्ताधारी दल के दबाव में आरोपियों को बचाने के आरोप लगे। भाजपा विधायक कमल मर्सकोले, भाजपा जिलाध्यक्ष आलोक दुबे व पुलिस अधीक्षक सिंह ने इस आरोप को नकार दिया। अधिवक्ता दुर्गेश विश्वकर्मा ने बिंदुवार इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए आधी-अधूरी रिपोर्ट दर्ज करने की बात बताई है।

अब इस मामले को लेकर सर्व आदिवासी समाज गुरुवार को बरघाट बंद कराकर प्रदर्शन करेगा। उनका कहना है कि आरोपियों के घर पर बुल्डोजर चलाया जाए। उनके कब्जे से सरकारी जमीन मुक्त कराई जाए। आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि फिर किसी गरीब के साथ ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।


आरोपियों ने अपने घर को ही बना लिया थाना व न्यायालय : नरेश
भाजपा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नरेश बरकड़े का कहना है कि गुरुवार को प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग आएंगे। समाज के नाते मैं भी उपस्थित रहूंगा। आरोपी खुद को भाजपा नेता बताते हुए पार्टी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके साथ मारपीट की जो वीडियो वायरल हुई है वह बहुत नींदनीय व मानवता को शर्मसार करने वाली है। वे लोग करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जा कर गरीबों का उत्पीडऩ कर रहे हैं। प्रशासन को इस दिशा में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। आरोपी इतने निर्भिक है कि उनको किसी का डर नहीं है। उन लोगों ने अपने घर को ही थाना और न्यायालय बना लिया है। उनकी बर्बरता का यह पहला मामला नहीं है। सैकड़ों मामले तो सामने ही नहीं आए है। इसलिए प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।


वर्जन - एक
आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस अभी लाइन आर्डर में लगी है। बरघाट में प्रदर्शन के मद्देनजर पर्याप्त बल तैनात किए जाएंगे हैं।
- राकेश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक सिवनी

वर्जन - दो
मेरे पास एक आवेदन आया है। आवेदक वंशबहादुर धुर्वे हैं। दोपहर १२ से चार बजे तक प्रदर्शन का उल्लेख है। इसके मद्देनजर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल की मांग की गई है।
- महेश अग्रवाल, एसडीएम बरघाट