
सिवनी. लोक निर्माण विभाग अंतर्गत संचालित मण्डल स्तरीय सामग्री परीक्षण प्रयोगशाला में निर्माण कार्यो में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित किए जाने संबंधी प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का दो दिवसीय आयोजन गुरुवार को पूर्ण हुआ। कार्यशाला में मुख्य रुप से मध्य-परिक्षेत्र जबलपुर के मुख्य अभियंता इंजीनियर आरके गुप्ता एवं मण्डल कार्यालय सिवनी के अधीक्षण यंत्री इंजीनियर संजय मस्के द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत चल रहे विभिन्न निर्माणाधीन कार्यों की गुणवता सुनिश्चित किए जाने संबंधी महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में सिवनी के कार्यपालन यंत्री इंजीनियर जेएस बघेल, बालाघाट के कार्यपालन यंत्री आरपी ठाकरे, कार्यपालन यंत्री छिंदवाड़ा हृदेश आर्य एवं मंडला के कार्यपालन यंत्री गयाप्रसाद पटले के साथ-साथ सिवनी मण्डल के समस्त अनुविभागीय अधिकारियों एवं उपयंत्रियों द्वारा भाग लिया गया। प्रशिक्षण के आरंभ में इंजीनियर आरके गुप्ता एवं इंजीनियर संजय मस्के द्वारा एक प्रशिक्षण मार्गदर्शिका का विमोचन किया गया। जिसका वितरण मण्डल के सभी अभियंताओं को किया गया।
मुख्य अभियंता इंजीनियर आरके गुप्ता द्वारा रोड निर्माण के कार्यो के संबंध में कहा गया कि मिट्टी रोड की जान है। अर्थवर्क यदि सही नहीं हुआ तो बाकी लेवल पर आप कितनी ही मेहनत करो परन्तु कार्य की गुणवता सुनिश्चितत करना संभव नही हो पाता। अनुविभागीय अधिकारी, उपयंत्री, समयपाल द्वारा कार्य के प्रारंभ होने से पूर्व ही मिट्टी संबधी समस्त परीक्षण सुनिश्चित किए जाने चाहिए। हमेशा निर्धारित मापदण्डों से अपर साइड की वैल्यू की सामग्री के उपयोग का ही प्रयास होना चाहिए।
ओएमसी एवं एमडीडी की गणना के अनुसार ही पानी की मात्रा का प्रयोग होना चाहिए। हम इंजीनियरों की छवि हमारे काम की गुणवता पर ही निर्भर करती है। हमारी साख का आधार हमारा तकनीकी ज्ञान है। अर्थवर्क के समय से ही सचेत होकर काम करें तथा सभी अनुविभागीय अधिकारी एवं उपयंत्री स्वयं सामग्री का परिक्षण करें।
अधीक्षण यंत्री इंजीनियर संजय मस्के द्वारा रोड पर चलने वाले वाहनों की संख्या एवं उनकी भार वहन क्षमता के आधार पर प्राकलन तैयार किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा जिस तरह के ट्रकों, डम्फरों एवं हाइवा का आवागमन मार्ग पर है उसके अनुसार एक्सेल लोड की गणना उपरान्त ही प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए, जिससे रोड की लाइफ बढे। सीबीआर की जगह इफेक्टीव सीबीआर के मान से डिजाइन तैयार किया जाना चाहिए। इसके लिए मस्के द्वारा एक सेम्पल रोड के लोड की गणना का सभी अभियंताओ को मार्गदर्शन दिया गया। कांक्रीट रोड के स्लेप जो के्रक डेवलप होते हैं नण् डिजाइन में उनकी गणना करते हुए प्राकलन तैयार होना चाहिए। उन्होंने कहा कांक्रीट वर्क में बीयूसी, टीडीसी एवं पीडीसी का ध्यान रखा जाना चाहिए। एक अनुमान के अनुसार 7० प्रतिशत ट्रेफिक दिन में तथा 3० प्रतिशत रात में चलता है।
Published on:
23 Dec 2017 12:14 pm
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