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विद्युत अधिनियम की धारा में मिलेगी छूट

न्यायालयों में लंबित प्रकरण एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का होगा निराकरण

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सिवनी. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला सिवनी एवं तहसील मुख्यालयों में रविवार 22 अप्रैल को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। नेशनल लोक अदालत में विद्युत अधिनियम की धारा 135, 138 तथा 126 के मामलों में निम्नानुसार विशेष छूट का लाभ उपभोक्ताओं को प्रदान किया जा रहा है। न्यायालयों में लंबित प्रकरण एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में निम्नदाब श्रेणी के समस्त कृषि, पांच किलोवाट भार तक के गैर घरेलू तथा अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को निम्नानुसार छूट दी जाएगी।
ब्याज की राशि पर शत प्रतिशत मिलेगी छूट
प्रीलिटिगेशन स्तर पर सिविल दायत्वि की राशि पर 40 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर 16 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। लिटिगेशन स्तर पर सिविल दायित्व की राशि पर 25 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। आवेदक को छूट के उपरांत शेष देय आंकलित शिविर दायित्व एवं ब्याज की राशि एक मुश्त भुगतान करना होगा। विद्युत उपभोक्ताओं को उपरोक्तानुसार छूट का लाभ विद्युत चोरी अनाधिकृत उपयोग पहली बार किए जाने की स्थिति में ही दिया जाएगा तथा पूर्व की लोक अदालत में छूट प्राप्त किए उपभोक्ता छूट के प्राप्त नहीं होंगे एवं सामान्य विद्युत देयकों के विरूद्ध बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जावेगी। ऐसे पक्षकार जिनके मामले किसी भी न्यायालय में विचाराधीन है। वे अपने मामले का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से कराकर लाभ उठा सकते हैं। लोक अदालत में मामलों के निराकरण होने पर ऐसे मामलों में न्याय शुल्क के रूप में अदा की गई राशि पक्षकारों को वापस की जाएगी। पक्षकारों से अपील है कि नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने प्रकरणों का निराकरण कराकर लोक अदालत का समुचित लाभ उठा सकते हैं।