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District Registrar Office : जिला पंजीयक व उप पंजीयक को मालूम नहीं जनरेटर व इन्वर्टर कब से खराब

- बिजली गुल होने के बाद खुली पोल, काम ठप, दो दिन से कार्यालय आकर लौट रहे थे लोग- कलेक्टर ने जिला पंजीयक की लगाई क्लास तब २२ घंटे बाद शुरू हुई रजिस्ट्री

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District Registrar Office : जिला पंजीयक व उप पंजीयक को मालूम नहीं जनरेटर व इन्वर्टर कब से खराब

District Registrar Office : जिला पंजीयक व उप पंजीयक को मालूम नहीं जनरेटर व इन्वर्टर कब से खराब

अखिलेश ठाकुर सिवनी. जिला पंजीयक व उप पंजीयक कार्यालय में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। शासन को एक वर्ष में लक्ष्य 81 करोड़ रुपए का राजस्व देने वाले विभाग में जनरेटर व इन्वर्टर कब से खराब है। इसकी जानकारी जिम्मेदारों को नहीं है। इसकी पोल तब खुली जब सोमवार को आंधी व पानी शुरू होते ही बिजली गुल हो गई। शाम तक बिजली नहीं सुधर पाई। दूसरे दिन मंगलवार को कार्यालय पहुंचे लोगों को वहां मौजूद कर्मचारियों ने दो टूक कह दिया कि चार बजे के पहले कुछ नहीं होगा। इसकी जानकारी किसी ने कलेक्टर क्षितिज सिंघल को दी। कलेक्टर सिंघल ने दोपहर में जिला पंजीयक उमेश शुक्ला की क्लास लगाई। इसके बाद 2.40 बजे से रजिस्ट्री का कार्य शुरू हुआ।


शासन को 81 करोड़ रुपए के राजस्व देने का लक्ष्य लेकर कार्य में जुटा जिला पंजीयन विभाग वित्तीय वर्ष के अंतिम माह के बचे चंद दिनों में इसे लेकर गंभीर नहीं है। बीते दिनों एक आदेश जारी कर छुट्टी के दिनों में कार्य करने की बात कहकर लोगों से प्रतिदिन रजिस्ट्री कराने का अह्वान किया गया था, लेकिन जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय में इसको लेकर विभागीय अमले की तैयारी ठीक नहीं है।

जनरेटर व इन्वर्टर कब से काम नहीं कर रहा है, जिम्मेदारों को नहीं मालूम है। यह कहां रखा हुआ है? इसका कौन सा पार्ट खराब है? इसकी जानकारी भी कार्यालय में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों को अलग-अलग है। एक कर्मचारी ने बताया कि कार्यालय के बाहर बाएं तरफ जनरेटर रखा हुआ है।दूसरे ने बताया कि दाहिने तरफ। उप पंजीयक ने बताया कि एक सेल खराब है। जिला पंजीयक ने बताया कि एक पाट्र्स खराब है, जिसे जबलपुर से मंगाया गया है।

जिला पंजीयक का कहना है कि कलेक्टर क्षितिज सिंघल का दोपहर में कॉल आया था। उन्होंने पूछा था कि जनरेटर व इन्वर्टर कब से खराब है? मैंने उनको बताया कि 10 मिनट काम करने के बाद इन्वर्टर बंद हो गया। एक सवाल के जवाब में जिला पंजीयक ने बताया कि यहां बिजली जाती नहीं इसलिए जनरेटर व इन्वर्टर की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती है। सालाना इसके मेंटनेंस पर कितना खर्च होता है। यह पूछने पर उन्होंने चुप्पी साध ली।


अतिरिक्त तीन हजार देने पर ही होती है रजिस्ट्री
दो दिन से रजिस्ट्री नहीं होने पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ मंगलवार को कार्यालय में थी। उस समय वहां मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि रजिस्ट्री करने के लिए निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त तीन हजार रुपए देने पड़ते हैं। इसके बाद भी इतना परेशान किया जा रहा है। यह ठीक नहीं है। बताया कि कई वृद्ध व महिलाएं दो दिन से आकर लौट रही है। पैसे लेने वाले जनरेटर तक की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। इस संबंध में जिला पंजीयक उमेश शुक्ला ने बताया कि निर्धारित शुल्क के अलावा किसी से अतिरिक्त पैसा नहीं लिया जाता है। यह झूठा आरोप है।



81 करोड़ का लक्ष्य आया 76 करोड़
जिला पंजीयक उमेश शुक्ला ने बताया कि इस वर्ष 81 करोड़ रुपए राजस्व का लक्ष्य है। अब तक ७६ करोड़ रुपए आ चुका है। बताया कि शेष दिन में भी लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा। बताया कि बीते वर्ष भी 81 करोड़ रुपए का लक्ष्य था। 63 करोड़ से अधिक का राजस्व आया था। बीते वर्ष से इस बार अधिक राजस्व आया है।


वर्जन -
दो दिन से उप पंजीयक कार्यालय में कार्य नहीं हो रहा था। इसकी वजह से कार्यालय जाकर लौटना पड़ा। मुश्किल से कार्य हुआ है। विभाग के पास बिजली की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। यह ठीक व्यवस्था नहीं है।
- रचना महेंद्र बिसेन, पूर्व जिला पंचायत सदस्य।