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जाति, धर्म नहीं देखते, विकास के मुद्दे पर देंगे वोट

- रोजगार, पेयजल व नहर की दरकार, स्वास्थ्य सुविधाएं भी हैं बेपटरी

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जाति, धर्म नहीं देखते, विकास के मुद्दे पर देंगे वोट

जाति, धर्म नहीं देखते, विकास के मुद्दे पर देंगे वोट

सिवनी. जागो जनमत के तहत 'पत्रिकाÓ की पहल पर घंसौर विकासखण्ड के शिकारा में मंगलवार को आसपास के ग्राम के ग्रामीण, शिक्षक व छात्रों ने शत-प्रतिशत मतदान करने की शपथ ली। इस मौके पर विकास के क्षेत्रीय मुद्दों पर भी बात हुई। कहा कि मतदान के दिन सारे काम छोड़कर सबसे पहले मतदान करेंगे। दूसरे लोगों को मतदान करने के लिए प्रेरित करेंगे।
जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में मतदाताओं के मुद्दे अपने-अपने हैं। लखनादौन, घंसौर, शिकारा, बिनैकी, किंदरई, आदेगांव, झिंझरई, पहाड़ी, मेहता, धूमा के मतदाता रोजगार की कमी के कारण लगातार हो रहे पलायन रोकने। सिंचाई के साधन नहीं होने से सूखे पड़े खेतों के लिए नहर के मुद्दे गिनाए। पेयजल की समस्या दूर करने, सड़कों का निर्माण करने, स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने, शिक्षा व व्यवस्था में सुधार करने। बिजली की समस्या दूर करने जैसे अहम मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उनका मानना है कि आगामी सरकार जो बने वह जिले में रोजगार के नए अवसर लाए, मूलभूत सुविधाओं का समाधान करें। महंगाई पर अंकुश लगाए, जिससे आमजन को राहत मिले। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिकारा के प्रभारी प्राचार्य संदीप उपाध्याय ने नागरिकों, नए मतदाता विद्यार्थियों को मतदान का महत्व समझाया। सभी को मतदान दिवस पर अवश्य ही अपने मतदान केन्द्र पर पहुंचकर लोकतंत्र के महोत्सव में भागीदार बनने का संकल्प दिलाया। इस मौके पर शिक्षक अरविंद श्रीवास्तव, शफीक खान, जरीना बेगम मंसूरी आदि उपस्थित रहे।
नागरिकों के हैं अपने-अपने मुद्दे
लखनादौन विधानसभा क्षेत्र का घंसौर, शिकारा जिले के अंतिम क्षोर पर है। यहां नहर नहीं होने से किसान एक फसल की उपज ले पा रहे हैं। रोजगार की कमी के कारण लोग कमाने के लिए शहर चले जाते हैं। इलाज कराने के लिए गांव में डॉक्टर नहीं हैं। घंसौर व शिकारा में सभी ट्रेन का स्टॉपेज नहीं है। ऐसे ही शहजाद अंसारी ने कहा कि कई वर्षों से मतदान कर रहा हूं, जो उम्मीदवार योग्य होगा उसे ही वोट दूंगा। क्षेत्र के लोगों को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता है। सड़कें जर्जर है। खेतों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है। जनता की मांग को प्राथमिकता से पूरा करने वाले को ही चुनेंगे, फिलहाल सभी को देखा, परखा जा रहा है। प्रहलाद कुमार बर्मन ने कहा कि क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। गांव में सड़के बदहाल है। बिजली, पानी की समस्या है। स्वास्थ्य सेवाएं बहुत अच्छी नहीं हो है। सरकारी स्कूलों की स्थिति खराब है, जो मूलभूत समस्याओं का समाधन करेगा। उसे ही वोट देंगे। वहीं रेहान खान ने कहा हम और क्षेत्र के लोग खुद अपनी क्षेत्र की मांग प्रत्याशी के समक्ष रख रहे हैं, जो हमारी बात को समझेगा। समाधान करने का भरोसा देगा उसे ही चुनेंगे। जिसकी भी सरकार बने उनका पहला एजेंडा सड़क, बिजली, पानी, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य का होना चाहिए। दूसरे बेरोजगारों को रोजगार उपलब्य कराया जाए।