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सुबह से शाम तक भूकंप के पांच झटके, दहशत में लोग

भूकंप का एक झटका इतना तेज था कि कबीर वार्ड स्थित रामनगर (डूंडासिवनी) निवासी गोपाल तिवारी के मकान की छत पर लगा पीओपी भरभराकर गिर गया।

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सिवनी। विजयादशमी पर बुधवार को शहर व इससे लगे ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से शाम तक भूकंप पांच झटके महसूस किए। भूकंप का एक झटका इतना तेज था कि कबीर वार्ड स्थित रामनगर (डूंडासिवनी) निवासी गोपाल तिवारी के मकान की छत पर लगा पीओपी भरभराकर गिर गया। संयोग अच्छा रहा कि कोई उसके नीचे नहीं था अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

कबीर वार्ड स्थित रामनगर डूंडासिवनी निवासी गोपाल तिवारी के अनुसार बुधवार को दोपहर करीब 2.30 बजे आया भूकंप का झटका काफी तेज था। घर में लगी पीओपी भरभरा कर नीचे गिर गई। बताया कि जिस समय पीओपी गिरी उसके कुछ देर पहले पुत्र व पुत्री वहां खेल रहे थे। वह कुछ मिनट पहले घर के सामने रहने वाले पड़ोसी घर चले गए। पत्नी अभिलाषा रसोई में थी और मैं घर के बाहर खड़ा था। बताया कि करीब तीन सालों से क्षेत्र में लगातार इन दिनो भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इससे क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। बुधवार को पहला झटका सुबह करीब 9.33 बजे आया। इसके बाद लगातार तीन से चार झटके आएं। दोपहर करीब 2.30 बजे आया भूकंप का झटका तेज था। उस समय पड़ोस के सभी लोग घर से बाहर निकल गए थे। पीओपी गिरते ही मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई।

बताया कि पीओपी गिरते ही छत में लगे पंखे की पंखुडिय़ां मुड़ गई। लाइट के तार टूटकर खुले में लटक गए। सीलिंग को कसने के लिए लगाई गई एल्युमुनियम की पट्टी में करंट दौड़ गया। आसपास के लोगों ने घर की लाइट बंद कराने बिजली कार्यालय को फोन कर सूचना दी। लाइनमेन ने बिजली के खंभे से घर की लाइट के प्रवाह को बंद किया। इसके बाद लोग घर के अंदर गए। बताया कि कमरे में रखी टीवी, लाइट, सोफा, पेटी, साउंड बॉक्स व अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। करीब चार वर्ष पूर्व पीओपी बनाया था। इसके टूटने से करीब 50 हजार रुपए का नुकसान हुआ है।

डूंडासिवनी क्षेत्र निवासी महेश व इमला सोनवाने ने बताया कि उनके घर के लेंटर का कुछ हिस्सा टूट गया है। उक्त मोहल्ले की निवासी वर्षा पोहेकर, कमला खूपसे, नितिन राव, शगुन चौधरी, इक्क्षा तिवारी, विधान, टीना चौधरी आदि ने बताया कि जिस दिन शाम व रात को भूकंप आता है उस रात अधिकांश घरों के लोग दहशत में घर के बाहर खुले क्षेत्र में रात गुजारते हैं।