
Krait Russell Viper and Cobra करैत रसल वाइपर और कोबरा की दहशत-Demo pic- source- patrika.com
Seoni Krait - एमपी में मानसून आते ही सर्पदंश की घटनाएं भी तेजी से बढ़ने लगी हैं। विशेष तौर पर ग्रामीण इलाकों में जहां तहां सांप निकल रहे हैं जोकि लोगों को डस रहे हैं। सर्पदंश से कई लोगों की मौत हो चुकी है। बारिश का पानी बिल में भर जाने से सांप बाहर निकल रहे हैं। सिवनी में अनेक जगहों पर जहरीले सांप निकलने की सूचना है। इनमें रसल वाइपर, करैत और कोबरा जैसे जहरीले सांप शामिल हैं। सर्प मित्र प्रवीण तिवारी ने कई सांपों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जगहों पर छोड़ा। सांपों के निकलने से लोग दहशत से भर उठे हैं। सर्प मित्र प्रवीण तिवारी ने बताया कि करैत Krait प्रजाति का सांप अंधेरा होते ही जीभ लपलपाने लगता है। यह रात को सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है और प्राय: जमीन पर सोनेवालों को डस लेता है। इससे बचने के लिए सावधानी रखना बहुत जरूरी है। यहां के पेंच टाइगर रिजर्व में तो सांपों का बाहुल्य है।
सिवनी जिला घने जंगलों के लिए विख्यात है। यही कारण है कि यहां सर्पदंश की घटनाएं भी ज्यादा होती हैं। बारिश शुरु होते ही जिलेभर में जगह जगह सांप नजर आने लगते हैं। इनमें अत्यंत जहरीला कोबरा और करैत भी रहते हैं।
जिला जेल और क्वार्टर के पास सांप निकलने की ऐसी ही दो अलग अलग घटनाएं हुईं। सर्प मित्र प्रवीण तिवारी ने बताया कि शाम को एक जेल कर्मचारी के घर रसल वाइपर निकला। उसका रेस्क्यू करने के कुछ घंटों बाद ही रात को जेल परिसर में ही एक अन्य सांप निकलने की सूचना मिली। मौके पर जाकर देखा तो यह विषैला करैत था।
पास के गांव नरेला और सोना डोंगरी में भी सांप निकले। ये दोनों अत्यंत जहरीले सांपों में शुमार कोबरा थे।
सिवनी और आसपास के इलाकों में सांप निकलने पर लोग सर्प मित्र प्रवीण तिवारी को याद करते हैं। वे सांपों को जिंदा पकड़कर उनके सुरक्षित जंगलों में छोड़ देते हैं।
सर्प मित्र प्रवीण तिवारी बताते हैं कि करैत सांप भारत में पाए जानेवाले मुख्य 4 प्रजातियों के विषधरों में शामिल है। इसकी विशेषता यह है कि रात को यह सर्वाधिक सक्रिय रहता है। जमीन पर सोनेवाले लोग इसके सबसे ज्यादा शिकार होते हैं। इससे बचने के लिए लोगों को मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए।
करैत (बंगरस कैरुलियस) एलापिडे कुल के बंगरस वंश से संबंधित सांप की अत्यंत विषैली प्रजाति है। अपने शक्तिशाली न्यूरोटॉक्सिक विष के लिए जाना जाने वाला यह सांप भारत में व्यापक रूप से पाया जाता और घास के मैदानों, खेतों आदि में रहता है। करैत की पहचान, काले या नीले-काले शरीर पर पतली सफेद धारियों से की जाती है। इसकी लंबाई आमतौर पर 3 से 4 फीट तक होती है। नर करैत, मादाओं से लंबे होते हैं और उनकी पूंछ भी आनुपातिक रूप से लंबी होती है।
Published on:
29 Jun 2026 09:59 am
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