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नेक टीम की रिपोर्ट बेहतर रही तो मिलेगा 12 करोड़ का ग्रांट

टीम आज पहुंच रही है पीजी कॉलेज , कॉलेज प्रबंधन बेहतर दिखाने में किया दिन-रात एक , टीम शामिल रहेंगे कश्मीर विश्वविद्यालय श्रीनगर के प्रोफेसर

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नेक टीम की रिपोर्ट बेहतर रही तो मिलेगा 12 करोड़ का ग्रांट

सिवनी. पीजी कॉलेज की तस्वीर बदल रही है। प्रबंधन सुबह से देर रात तक तैयारियों में लगा हुआ है। सब कुछ ठीक रहा तो नेक की टीम को पीजी कॉलेज की रिपोर्ट बेहतर मिलेगी। यदि ऐसा होता है तो पीजी कॉलेज के संवारने में चार चांद लग जाएगा। नेक की रिपोर्ट बेहतर होने पर कॉलेज को वल्र्ड बैंक से 12 करोड़ रुपए का ग्रांट मिलेगा।
कश्मीर विश्वविद्यालय श्रीनगर के प्रोफेसर जी मुस्तका शाह, चेयरपरसन नेक टीम के नेतृत्व में दो दिवसीय निरीक्षण पर तीन सदस्यीय टीम बुधवार को पीजी कॉलेज पहुंच रही हैं। टीम में प्रो. मुस्तफा के अलावा सदस्य डॉ. शुभराज श्रीनिवास राघवन तिरुचिरपल्ली व प्राचार्या कोलकता महाविद्यालय डॉ. शर्मिला मित्रा हैं। टीम महाविद्यालय की क्षमताओं का आकलन करेगी। प्रभारी प्राचार्य डॉ. सतीश चिले ने इसकी पुष्टि की है। डॉ. चिले के मार्गदर्शन व नेक क्वार्डिनेटर डॉ. मंजू सरार्फ के प्रयास से महाविद्यालय में अनेक कार्य हुए हैं।
250 से शुरू हुआ कारवां 6320 तक पहुंचा
1962 में शासकीय महाविद्यालय की शुरुआत लगभग 250 विद्यार्थियों से हुई थी। वर्तमान में महाविद्यालय में 6320 विद्यार्थी अध्ययनरत है। इसमें लगभग 3200 छात्राएं हैं। जिले का गौरव पीजी कॉलेज में 12 विषयों में विद्यार्थियों को पीजी करने का मौका मिलता है। 65 प्राध्यापक पढ़ाई का कार्य कर रहे हैं। इसमें 25 महिलाएं हैं। 50 तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्यरत हैं। कॉलेज में पढ़ाई के लिए 25 अध्ययन कक्ष तथा 15 अध्ययन कक्ष एवं विभागों में इंटरनेट कनेक्शन हैं। वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, भूगोल विषय में स्मार्ट कक्षाओं से अध्ययन करवाया जा रहा है। प्रो. एमसी सनोडिया द्वारा वर्चुअल कक्षाओं का एवं इग्नू अध्ययन केंद्र का संचालन किया जा रहा है। इसमें सैकड़ों छात्र-छात्राएं लाभ ले रहे हैं। प्रो. एसके बाटड़ ने बताया कि महाविद्यालय को विश्व बैंक से 12 करोड़ की ग्रांट आने वाले वर्षों में मिलेगी। इससे तेजी से विकास होगा तथा आधारभूत संररचनाएं तैयार की जा सकेंगी। महाविद्यालय छत पर 20 किलोवॉट का सौलर पैनल अगले सप्ताह लग जाएगा तथा महाविद्यालय ग्रीन एवं क्लीन एनर्जी का प्रयोग करेगा तथा एक्सेस ऊर्जा मप्र विद्युत बोर्ड को सेल करेगा। महाविद्यालय में एल्यूमिनी एशोसिएशन द्वारा वाटर कूलर डोनेट किया गया है। इसे प्रवेश द्वार पर स्थापित किया गया है। महाविद्यालय में कम ऊर्जा खपत वाले 60 पंखे लगे हैं। साथ ही यहां सुसज्जित गल्र्स कामन रूम है। इसके आगे 30 बाई 25 का शेड लगाया गया है।

कॉलेज में बनेगी कम्पोस्ट खाद, होगा जलसंरक्षण
चार जगहों में रद्दी के कम्पोस्ट खाद तैयार की जा रही है। इसमें पेड़ पौधे के पत्ते एवं रद्दी कागज से तैयार हो रही है। साथ ही जल संरक्षण के लिए पुस्तकालय भवन के पीछे तालाब निर्माण किया गया है। बोरिंग रीचार्ज के लिए गहरा गड्ढा कर जलग्रहण क्षेत्र तैयार किया गया है ताकि जल संरक्षण हो एवं पूरे वर्ष पानी की कमी नहीं रहे।
हरियाली से आच्छादित है कैम्पस
महाविद्यालय में चार जगह बगीचे बने हैं एवं कैम्पस हरियाली से आच्छादित है। 100 से अधिक गमले लगाए गए है। अगले माह महाविद्यालय 400 पौधे कैम्पस में लगाएगा ताकि पर्यावरण को बचाया जा सके।
यहां हैं दुलर्भ ग्रन्थ, पाण्डुलिपिया
महाविद्यालय में एनसीसी का फायदा 54 विद्यार्थी ले रहे हैं। इसमें छात्राएं 18 हैं। 14 चात्र एल्फा ग्रेड में हैं। पुस्तकालय में 93000 पुस्तकें है, जिसमें दुलर्भ ग्रन्थ एवं पाण्डुलिपियां भी हैं। वाचनालय हवादार एवं आधुनिक फर्नीचर से युक्त है। वाचनालय में दो दर्जन से अधिक पत्र-पत्रिकाएं नियमित आती हैं।
इसके पूर्व वर्ष 2003 में नेक द्वारा महाविद्यालय का निरीक्षण किया गया था। कॉलेज के प्रोफेसरों, पूर्व विद्यार्थी, अभिभावकों ने सम्भावना व्यक्त की है कि इस बार महाविद्यालय नेक द्वारा निर्धारित मापदण्डों को पूर्ण करेगा एवं जिले का मान बढ़ाएगा।