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शासन जिला पंचायत अध्यक्ष को अब वाहन खर्च के लिए देगी पैसा

एक सितम्बर से लागू होगा नया आदेश, जनपद पंचायत अध्यक्ष व जिला पंचायत अध्यक्ष को भी एक मुश्त राशि

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संतोष दुबे/सिवनी. जिला पंचायत अध्यक्ष को अब सरकारी वाहन की सुविधा नहीं मिलेगी। उनको वाहन के एवज में एक मुश्त राशि दी जाएगी। इसी राशि से उनको वाहन लेना होगा। मेंटनेंस करना होगा और चालक रखना होगा। मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया ने यह आदेश जारी किया है।
उन्होंने कहा है कि उक्त आदेश एक सितम्बर से पूरे प्रदेश में लागू होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष के अलावा उपाध्यक्ष व जनपद पंचायत के अध्यक्षों को भी एकमुश्त राशि मिलेगी। सबके लिए अलग-अलग राशि तय की गई है। जिला पंचायत के अध्यक्ष को ४३ हजार रुपए मिलेंगे। उपाध्यक्ष को नौ हजार और जनपद पंचायत अध्यक्ष को ३५ हजार रुपए दिए जाएंगे। सभी को उक्त राशि उनके बैंक खाते में दिया जाएगा। इसके लिए उनको कोई बिल-बाउचर लगाने की आवश्यकता नहीं है।
खास है कि जिला पंचायत व जनपद पंचायत अध्यक्ष को जो राशि जारी की जा रही है। वह एक माह के लिए है। जिला पंचायत के उपाध्यक्ष को केवल एक सप्ताह के लिए राशि मिलेगी।
अध्यक्ष का सरकारी चालक अब करेगा दूसरे की सेवा
अध्यक्ष जिला/जनपद पंचायत एवं उपाध्यक्ष जिला पंचायत उनकी इच्छानुसार स्वयं का अथवा किराए का वाहन उपयोग कर सकेंगे। वाहन किराया एवं ईंधन आदि के संबंध में किसी प्रकार के देयक बाउचर अथवा लेखा-जोखा रखने की आवश्यकता नहीं होगी। जिला/जनपद पंचायत अथवा किसी अन्य शासकीय संस्था से उक्त पदाधिकारियों को वाहन संबंधी व्यवस्था के लिए कोई व्यय नहीं किया जाएगा। उपरोक्त राशि में वाहन चालक का व्यय शामिल है। शासन/जिला पंचायत/जनपद पंचायत/शासकीय संस्था में नियुक्त अथवा उनके व्यय पर वाहन चालक उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। वाहन चालक को देय पारिश्रमिक की राशि दर्शाई राशि से समायोजित की जाएगी। जिन जिला/जनपद पंचायतों में संस्था का वाहन चालक नियमित सेवा में सेवारत हो उनकी सेवाओं का उपयोग मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत/जनपद पंचायत दूसरी जगह करेंगे। यह व्यवस्था एक सितम्बर से लागू होगी।