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जिले में बढ़ रहे अपराध, पुलिस अंकुश लगाने में नाकाम

वर्ष 2017 में 29 हत्याएं, 2018 वर्ष के छह माह में छू लिया १७ का आकड़ा

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महेन्द्र बघेल सिवनी. जिले में अपराध बढ़ रहे हैं। पुलिस इन पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है। यह बात पुलिस रिकार्ड में दर्ज आकड़े बता रहे हैं, जो जिला पुलिस के लिए अच्छी खबर नहीं है। आमजनमानस में इससे दहशत की स्थिति बन रही है।
आकड़ों पर गौर करें तो सबसे अधिक हत्याएं कुरई थाना क्षेत्र में होने का मामला सामने आया है। यहां डेढ़ साल में सात लोगों की हत्याएं हुई हैं। वर्ष 2017 में पांच लोग मारे गए। वर्ष 2018 के छह माह में दो लोगों की हत्या हो चुकी है। दूसरे नंबर पर लखनादौन हैं। यहां वर्ष 2017 में पांच और 2018८ के छह माह में एक हत्या का मामला सामने आया है। बरघाट थाना क्षेत्र में हत्या का आकड़ा पिछले साल की बराबरी इस साल छह माह में ही कर लिया है। वर्ष 2017 में तीन व वर्ष 2018 के जून माह तक तीन लोग की हत्या हो चुकी है।
चोरी के मामले में कोतवाली थाने का कोई तोड़ नहीं है। इसकी बराबरी जिले का कोई थाना नहीं कर पा रहा है। वर्ष 2017 के आकड़ों पर गौर करें तो गृहभेदन के २८, सामान्य चोरी २० व वाहन चोरी के ४३ प्रकरण कोतवाली में दर्ज हुए हैं। जून 2018 तक गृहभेदन १९, सामान्य चोरी आठ व वाहन चोरी के २६ प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। वर्ष 2017 में कोतवाली के अलावा जिले के लखनवाड़ा, डूंडासिवनी, बरघाट, लखनादौन व छपारा ही दहाई का आकड़ा पार कर पाए थे। वर्ष 2018 में कोतवाली के अलावा अभी तक किसी थाना क्षेत्र में किसी प्रकार की चोरी की घटनाएं दहाई का आकड़ा पार नहीं कर पाई है। वर्ष 2017 में जिले में कोर्ई डकैती नहीं हुई। वर्ष 2018 में कोतवाली व बंडोल में डकैती के एक-एक मामले अब तक दर्ज हो चुके हैं। पशु चोरी के मामले में धूमा नंबर एक पर हैं। इस वर्ष अब तक यहां दो पशु की चोरी हुई है। पिछले वर्ष एक पशु की चोरी हुई थी। लूट के मामले में डूंडासिवनी नंबर एक पर हैं। यहां पिछले वर्ष एक और इस वर्ष एक लूट की घटना अब तक दर्ज हैं। उधर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधिक घटनाओं की सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल कार्रवाई करती है। हत्या के अधिकांश मामले का खुलासा हो चुका है।