सिवनी. प्रदेश संगठन के आह्वान पर जिले के सभी सर्विस प्रोवाइडर, सेवा प्रदाताओं की रिफंड राशि वापस न किए जाने पर 12 जनवरी से जिले भर के सर्विस प्रोवाइडर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
हड़ताल का असर पूरे जिले में रहा जिसके चलते रजिस्ट्री कार्य काफी हद तक प्रभावित रहा। जमीन की खरीदी बिक्री व अन्य कार्यों के लिए लोगों जहां खासे परेशान हुए वहीं रजिस्ट्री नहीं होने से लगभग 10 लाख रुपए का नुकसान भी हुआ। सर्विस प्रोवाइडर, सेवा प्रदाता संघ के जिलाध्यक्ष दीपक तिवारी ने बताया कि 3 जनवरी 16 को प्रांतीय बैठक जबलपुर में हुए निर्णय पर जिला सर्विस प्रोवाइडर, सेवा प्रदाताओं (दस्तावेज लेखक, स्टाम्प वेंडरों) द्वारा 12 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने का निर्णय लिया है। इससे पूर्व भी 7 दिसम्बर 15 से तीन दिनों के लिए हड़ताल की गई थी, जिसमें कलेक्टर सिवनी ने 7 दिन के भीतर सभी सर्विस प्रोवाइडरों की रिफंड राशि की वापसी तथा अन्य समस्याओं के निदान कर दिए जाने का आश्वासन दिया गया था। जिसे मानकर हड़ताल समाप्त कर दी गई थी, लेकिन अभी तक सभी सर्विस प्रोवाइडरों की समस्या जस की तस बनी हुई है।
हड़तालियों ने बताया कि समस्याओं को लेकर 7 जनवरी 16 को कलेक्टर तथा मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया था, जिसमें रिफंड राशि एक निश्चित समय पर वापस न होना, सर्विस प्रोवाइडर के खातों से अनायास ही राशि गायब, गबन हो जाना, एक ही ट्रांजेक्शन पर कई बार राशि कट जाना, सर्विस प्रोवाइडर के खाता से छेड़छाड़ कर राशि कम कर देना, सर्विस प्रोवाइडर के स्वयं की आईडी पर अन्य सर्विस प्रावोइडर की आईडी, डिस्पले होना, सॉफ्टवेयर में गाइड लाइन का शत-प्रतिशत मेच न होना, संपत्ति के बाजार मूल्य की गणना सही न होना इत्यादि समस्याएं हैं।
इस मौके पर जिला सर्विस प्रोवाइड संघ के जिला अध्यक्ष दीपक तिवारी, छत्रपाल तिरैया, कमलेश बघेल, लोकेश भांगरे, कोमल श्रीवास्तव, जावेद खान, सुभाष चौरसिया, नीलेश चौरसिया, दीपू चौरसिया, अजय गुप्ता, शिवप्रसाद नायक, घनश्याम नायक आदि मौजूद थे।