
मरने पर गाजे-बाजे से निकाली सांड की अंतिम यात्रा
सिवनी. अब तक आपने गाजे बाजे के साथ इंसानों की अंतिम यात्रा जाते हुए तो देखी होगी, लेकिन क्या कभी आपने किसी सांड की अंतिम यात्रा गाजे-बाजे के साथ धूमधाम से निकलते हुए देखी है? जी हां, मध्य प्रदेश के सिवनी ज़िले में एक सांड की अंतिम यात्रा गाजे-बाजे के साथ धूमधाम से निकली, जो कोई भी इस अंतिम यात्रा का गवाह बना, वो इस दृष्य को देखकर खासा हैरान भी था।
बता दें कि, ये वाक्या सिवनी जिले में गनेशगंज गांव का है, जहां नंदी बाबा के नाम से मशहूर सांड की अंतिम यात्रा पूरे गांव के लोगों ने मिलकर धूमधाम से निकाली। ट्रैक्टर पर फूलों से सजा कर सांड का शव रखा गया और अंतिम संस्कार से पहले उन्हें पूरे गांव का भ्रमण कराया गया। इस दौरान अंतिम यात्रा में शामिल सभी लोग रघुपति राघव राजाराम, सीताराम-सीताराम और हर-हर महादेव के उद्घोष भी कर रहे थे। इसके बाद शव यात्रा लेकर स्थानीय मोक्षधाम पहुंचे ग्रामीणों ने पूरे विधि-विधान के साथ सांड का अंतिम संस्कार भी किया।
10 दिन पहले एक्सीडेंट में घायल हो गया था सांड
स्थानीय निवासी बृजेश तिवारी ने बताया कि, उनका अंतिम कार्यक्रम बड़ी ही श्रद्धा और विश्वास के उनको साक्षात नंदी मानकर किया गया। दरअसल, गनेशगंज गांव में सांड को श्रद्धा और आस्था के साथ नंदी बाबा के रूप में पूजा जाता रहा है। 13 साल का सांड दस दिन पहले एक सड़क हादसे में घायल हो गया था, इसके बाद गांव के लोगों ने जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से स्थानीय बाज़ार चौक के पास ले जाया गया, जहां पशु चिकित्सक की ओर से इलाज किया जा रहा था, लेकिन चोटें गंभीर आने की वजह से सोमवार को सांड की मौत हो गई। इसके बाद मंगलवार को गांववासियों ने धूम-धाम से सांड की अंतिम यात्रा निकालकर अंतिम संस्कार किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
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Published on:
08 Sept 2021 07:07 pm
