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सर्च वारंट जारी हुआ १० को तो १९ को कार्रवाई क्यों, पुलिस ने शुरू की जांच

पत्रिका में छपी खबर तो हरकत में आई लखनादौन पु लिस, वन विभाग ने कार्रवाई के लिए बल मांगने और एफआइआर दर्ज कराने दिया है आवेदन

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सिवनी. लखनादौन पुलिस ने शुक्रवार को वन विभाग की शिकायत के मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने वन विभाग के सर्च वारंट को संज्ञान में लिया है। इसमें १० को सर्च वारंट जारी होने के बाद टीम १९ को कार्र्रवाई करने क्यों गई थी। पुलिस प्रथम दृष्टया इस मामले में संबंधित से पूछताछ कर रही है। वन विभाग की टीम शुक्रवार को थाने पहुंची थी।
गौरतलब है कि वन विभाग की टीम ने पुलिस से गुरुवार को शिकायत किया कि वे लोग बोरिया (आदेगांव) निवासी झामसिंह गोंड के यहां कार्रवाई करने गए थे। झाम के खिलाफ सर्च वारंट जारी हुआ था, लेकिन झाम ने सर्च वारंट लेने से मना किया और टीम को तलाशी भी नहीं लेने दी। टीम ने उसके यहां रखे लकडिय़ों की जब्ती बनाई, लेकिन उसने जब्त किए गए लकडिय़ों को भी नहीं ले जाने दिया और ना ही अपने सुपुर्द लिया। इस पर वन विभाग की टीम पुलिस को शिकायत कर संबंधित के खिलाफ एफआइआर करने और कार्रवाई के लिए बल की मांग करने संबंधित आवेदन दिया। आवेदन देने के समय टीम को थाने में टीआई नहीं मिले। इस पर थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने आवेदन लेने से मना कर दिया। यह आरोप वन विभाग ने लगाए हैं। टीआई नवीन जैन देर शाम थाने पहुंचे और मामले को संज्ञान में लिया। उस समय आवेदन थाने में था। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही हैै। सर्च वारंट जारी १० को हुआ तो टीम १९ को कार्र्रवाई करने क्यों गई। इस मामले में पूछताछ की जाएगी। इसके बाद आगे नियमानुसार कार्रवाई होगी।

एसडीओ ने नियमानुसार बढ़ाया सर्च वारंट का समय
सर्च वारंट जिस दिन जारी हुआ। उस दिन जंगल में आग लगने की सूचना पर संबंधित अमला वहां चला गया। डिप्टी रेंजर ने आवेदन देकर एसडीओ से १९ तक का समय बढ़ाया। सर्च वारंट जारी होने के बाद यदि कार्रवाई नहीं होती है तो उसे निरस्त किया जाता है या तिथि बढ़ार्ई जाती। यह नियमानुसार होता है। यह गोपनीय मामला है, जो आवेदक और जारीकर्ता के बीच ही रहती है।
- गौरव चौधरी, वनमंडलाधिकारी उत्तर वनमंडल सिवनी